अमेरिकी कंपनी Raytheon को SM-3 IB इंटरसेप्टर मिसाइलों के लिए 6.3 अरब डॉलर का कॉन्ट्रैक्ट 

RTX को मिला $8.4 बिलियन का बड़ा कॉन्ट्रैक्ट, SM-3 मिसाइल इंटरसेप्टर प्रोडक्शन को मिलेगा बूस्ट

अमेरिकी रक्षा कंपनी Raytheon को Standard Missile-3 Block IB (SM-3 IB) इंटरसेप्टर मिसाइलों के उत्पादन और रखरखाव के लिए 6.3 अरब डॉलर तक का बहुवर्षीय कॉन्ट्रैक्ट मिला है. RTX की इस सहायक कंपनी ने 8 अक्टूबर 2026 को इसकी घोषणा की. यह कॉन्ट्रैक्ट पांच साल के लिए है, जिसमें दो अतिरिक्त वैकल्पिक वर्ष भी शामिल हैं.  

अमेरिकी मिसाइल डिफेंस क्षमता को मजबूत करने की तैयारी 

Raytheon के मुताबिक, इस कॉन्ट्रैक्ट का उद्देश्य अमेरिकी मिसाइल रक्षा प्रणाली के लिए जरूरी इंटरसेप्टर मिसाइलों का उत्पादन जारी रखना और उनके भंडार की भरपाई करना है. इन मिसाइलों का इस्तेमाल पहले भी सैन्य अभियानों में किया जा चुका है. यह समझौता अमेरिकी नौसेना (U.S. Navy), मिसाइल डिफेंस एजेंसी (MDA) और उनके सहयोगियों की बदलती सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने के प्रयासों का हिस्सा है.  

RTX को मिला $8.4 बिलियन का बड़ा कॉन्ट्रैक्ट, SM-3 मिसाइल इंटरसेप्टर प्रोडक्शन को मिलेगा बूस्ट
फोटो – rtx

Raytheon के अध्यक्ष फिल जैस्पर ने कहा कि यह कॉन्ट्रैक्ट महत्वपूर्ण हथियारों के उत्पादन में तेजी लाने और ग्राहकों को जरूरी रक्षा क्षमताएं उपलब्ध कराने की कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है. उनके अनुसार, इससे SM-3 Block IB मिसाइलों के भंडार को फिर से भरने और भविष्य के खतरों से निपटने में मदद मिलेगी.  

Tucson और Huntsville में होगा मिसाइलों का उत्पादन 

इस कॉन्ट्रैक्ट के तहत ज्यादातर काम अमेरिका के एरिजोना राज्य के Tucson और अलबामा राज्य के Huntsville स्थित Raytheon के संयंत्रों में किया जाएगा. कंपनी ने Standard Missile परिवार की मिसाइलों का उत्पादन बढ़ाने और विनिर्माण क्षमता का विस्तार करने के लिए पहले भी निवेश किया है.  

क्या है SM-3 Block IB इंटरसेप्टर मिसाइल? 

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SM-3 Block IB एक बैलिस्टिक मिसाइल इंटरसेप्टर है, जिसे समुद्र में तैनात युद्धपोतों और जमीन आधारित प्रणालियों से लॉन्च किया जा सकता है. इसका मुख्य उद्देश्य छोटी से मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों को उनकी उड़ान के मध्य चरण में रोककर नष्ट करना है. यह अमेरिकी नौसेना की विस्तारित दूरी वाली एकीकृत वायु एवं मिसाइल रक्षा क्षमता का महत्वपूर्ण हिस्सा है. 

यह इंटरसेप्टर hit-to-kill तकनीक का इस्तेमाल करता है. इस तकनीक में इंटरसेप्टर सीधे लक्ष्य से टकराकर उसे नष्ट करता है, न कि पारंपरिक विस्फोटक वारहेड के विस्फोट से. Raytheon के अनुसार, SM-3 IB का पहली बार वास्तविक युद्ध में इस्तेमाल 2024 में हुआ था.  

मिसाइल उत्पादन बढ़ाने की अमेरिकी योजना का हिस्सा 

यह कॉन्ट्रैक्ट अमेरिकी रक्षा विभाग और Raytheon के बीच महत्वपूर्ण हथियारों का उत्पादन बढ़ाने के लिए किए गए व्यापक समझौतों का हिस्सा है. इसका उद्देश्य मिसाइल रक्षा प्रणालियों के लिए इंटरसेप्टर की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित करना और उत्पादन क्षमता को मजबूत करना है. 

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