North Korea ने फिर दागी बैलिस्टिक मिसाइल, जापान सागर की ओर किया प्रक्षेपण
North Korea ने शनिवार, 3 अक्टूबर को एक बार फिर बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया. दक्षिण कोरिया की सेना के मुताबिक, मिसाइल को स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 6:30 बजे वॉनसान क्षेत्र से पूर्वी सागर की ओर दागा गया. मिसाइल ने 700 किलोमीटर से अधिक दूरी तय की और समुद्र में गिर गई.
दक्षिण कोरिया के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ (JCS) ने कहा कि मिसाइल के सटीक प्रकार और अन्य तकनीकी विशेषताओं का विश्लेषण दक्षिण कोरिया और अमेरिका की खुफिया एजेंसियां मिलकर कर रही हैं. शुरुआती आकलन में इसके मीडियम-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल या इंटरमीडिएट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है. हालांकि, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है.
DMZ में बारूदी सुरंग विस्फोट के बाद बढ़ा तनाव
यह मिसाइल लॉन्च ऐसे समय हुआ है जब दोनों कोरियाई देशों के बीच तनाव बढ़ा हुआ है. 21 सितंबर को असैन्यीकृत क्षेत्र (DMZ) में बारूदी सुरंग विस्फोट में तीन दक्षिण कोरियाई सैनिक घायल हुए थे. दक्षिण कोरिया ने इस घटना के लिए उत्तर कोरिया को जिम्मेदार ठहराते हुए माफी की मांग की थी, जबकि प्योंगयांग ने इस आरोप को खारिज कर दिया है.
उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन की बहन किम यो जोंग ने दक्षिण कोरिया के आरोपों को खारिज करते हुए जवाबी कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी. ऐसे में शनिवार का मिसाइल लॉन्च दोनों देशों के बीच बढ़ते सैन्य और राजनीतिक तनाव की पृष्ठभूमि में हुआ है.
दक्षिण कोरिया ने बुलाई आपात सुरक्षा बैठक

मिसाइल लॉन्च के बाद दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति कार्यालय के राष्ट्रीय सुरक्षा कार्यालय ने आपात बैठक की. दक्षिण कोरियाई सरकार ने कहा कि उत्तर कोरिया का बैलिस्टिक मिसाइल प्रक्षेपण संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों का उल्लंघन है और प्योंगयांग से ऐसी कार्रवाई रोकने का आह्वान किया.
यह 20 सितंबर के बाद उत्तर कोरिया का एक और मिसाइल लॉन्च है. 20 सितंबर को वॉनसान क्षेत्र से पूर्वी सागर की ओर कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गई थीं.
उत्तर कोरिया लगातार अपने मिसाइल और परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ाने की बात करता रहा है. जून 2026 में किम यो जोंग ने उत्तर कोरिया की परमाणु हथियार संपन्न देश की स्थिति को “अपरिवर्तनीय” बताया था. हालांकि, शनिवार के ताजा मिसाइल लॉन्च के पीछे किसी विशेष रणनीतिक उद्देश्य की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है.