Airbus U145: H145 का मानवरहित हेलीकॉप्टर, 3.8 टन वजन के साथ भारी कार्गो से ड्रोन मदरशिप तक
Airbus Helicopters ने अपने सफल H145 हेलीकॉप्टर के मानवरहित और uncrewed version U145 को विकसित किया है. इसे मुख्य रूप से बड़ी मात्रा में भारी कार्गो और लॉजिस्टिक सप्लाई पहुंचाने के लिए तैयार किया जा रहा है. इसके साथ ही इसका मॉड्यूलर डिजाइन भविष्य में आपदा प्रबंधन, अग्निशमन, सशस्त्र टोही, निगरानी और ड्रोन मदरशिप जैसे अलग-अलग मिशनों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है. U145 का अधिकतम टेक-ऑफ वजन (MTOW) 3,800 किलोग्राम है.
U145 को Airbus ने मौजूदा H145 प्लेटफॉर्म के आधार पर तैयार किया है. कंपनी का उद्देश्य एक ऐसे स्वायत्त विमान का विकास करना है जो H145 के स्थापित एयरफ्रेम और उपयोगी पेलोड क्षमता को मानवरहित सिस्टम की स्वायत्तता के साथ जोड़ सके. Airbus के अनुसार इसका इस्तेमाल उन क्षेत्रों में भी किया जा सकेगा जहां मानव चालक दल को भेजना जोखिमपूर्ण हो.
U145 में नहीं होगा पारंपरिक कॉकपिट

U145 और चालक दल वाले H145 के बीच सबसे महत्वपूर्ण बदलाव इसका कॉकपिट है. U145 में पारंपरिक भौतिक कॉकपिट नहीं होगा. पायलट द्वारा किए जाने वाले कार्यों को स्वचालित करने के लिए इसमें विशेष इलेक्ट्रोमैकेनिकल एक्ट्यूएशन और ऑटोमेशन सिस्टम विकसित किए जा रहे हैं.
Airbus के अनुसार हेलीकॉप्टर के पायलट की भूमिका को स्वचालित सिस्टम से बदलने के लिए उड़ान नियंत्रण के साथ टेकऑफ और लैंडिंग से जुड़े कार्यों में भी विशेष बदलाव किए जा रहे हैं. इसका उद्देश्य हेलीकॉप्टर को बिना पायलट के संचालन में सक्षम बनाना है.
सेंसर और AI से स्वायत्त उड़ान

U145 में विशेष सेंसर सूट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीक लगाई जा रही है. Airbus के अनुसार ये सेंसर हेलीकॉप्टर को आसपास के वातावरण को समझने, बाधाओं का पता लगाने और उनके आसपास सुरक्षित तरीके से रास्ता तय करने में मदद करेंगे.
यह क्षमता खास तौर पर कम ऊंचाई पर उड़ान के दौरान महत्वपूर्ण होगी, जहां हेलीकॉप्टर को अपने आसपास की वस्तुओं और संभावित बाधाओं का लगातार पता लगाना होगा. Airbus U145 को पूर्ण स्वायत्तता की दिशा में विकसित कर रहा है.
भारी कार्गो के लिए विशेष डिजाइन

U145 का सबसे प्रमुख इस्तेमाल भारी कार्गो परिवहन में किया जाना है. इसके लिए H145 के मूल डिजाइन में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं. हेलीकॉप्टर में एक इंटीग्रेटेड नोज डोर, फोल्डेबल लोडिंग टेबल और विशेष कार्गो फ्लोर दिया गया है.
कार्गो कंपार्टमेंट में आगे, दोनों तरफ और पीछे से सामान पहुंचाने की सुविधा रखी गई है. Airbus के अनुसार यह 360-डिग्री एंट्री व्यवस्था कार्गो को अलग-अलग दिशाओं से लोड और अनलोड करने में मदद करेगी. कार्गो फ्लोर को पूरी तरह सपाट रखा गया है, ताकि सामान को स्थिर तरीके से रखा और सुरक्षित किया जा सके.
जोखिम वाले इलाकों में लॉजिस्टिक सप्लाई
U145 की स्वायत्त क्षमता का एक प्रमुख उद्देश्य ऐसे इलाकों में लॉजिस्टिक सप्लाई पहुंचाना है जहां मानवयुक्त हेलीकॉप्टर और उसके चालक दल को भेजना जोखिमपूर्ण हो सकता है. अधिक पेलोड क्षमता के साथ U145 को भारी सामान और उपकरणों को सीधे कठिन या जोखिम वाले क्षेत्रों तक पहुंचाने के लिए विकसित किया जा रहा है. इस तरह यह प्लेटफॉर्म सैन्य लॉजिस्टिक मिशनों के साथ-साथ ऐसे अन्य अभियानों में भी उपयोगी हो सकता है जहां चालक दल को जोखिम से दूर रखना प्राथमिकता हो.
सिर्फ कार्गो हेलीकॉप्टर नहीं होगा U145
Airbus ने U145 को मिशन-एग्नॉस्टिक प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया है. इसका मतलब है कि इसका इस्तेमाल केवल एक प्रकार के मिशन तक सीमित नहीं रहेगा. कंपनी ने इसके संभावित नागरिक और सैन्य उपयोगों में आपदा प्रबंधन, अग्निशमन, सशस्त्र टोही और निगरानी को शामिल किया है.
हालांकि, Airbus के अनुसार U145 का प्राथमिक फोकस फिलहाल हाई-वॉल्यूम कार्गो सप्लाई है, जबकि अन्य भूमिकाओं के लिए इसके मॉड्यूलर डिजाइन का विस्तार किया जा सकता है.
ड्रोन मदरशिप के रूप में भी इस्तेमाल की योजना

U145 की एक महत्वपूर्ण संभावित भूमिका एयर-लॉन्च्ड इफेक्ट्स के लिए ड्रोन मदरशिप की है. इस कॉन्फिगरेशन में U145 मानवरहित ड्रोन या एयर-लॉन्च्ड इफेक्ट्स को अपने साथ लेकर जोखिम वाले इलाके के करीब पहुंच सकता है और वहां से उन्हें लॉन्च किया जा सकता है. Airbus के अनुसार लॉन्च किए गए ड्रोन इसके बाद अपना मिशन स्वचालित तरीके से पूरा कर सकते हैं. इस क्षमता के विकास में Airbus, MBDA के साथ साझेदारी कर रहा है.
U145 को crewed-uncrewed teaming यानी मानवयुक्त और मानवरहित प्लेटफॉर्म के साथ मिलकर संचालन के लिए भी विकसित किया जा रहा है. इसका उद्देश्य भविष्य के ऐसे मिशनों में मानवरहित हेलीकॉप्टर को मानवयुक्त प्लेटफॉर्म के साथ जोड़ना है, जहां दोनों अलग-अलग भूमिकाएं निभा सकें.
पूरी तरह मानवरहित बनने से पहले मॉड्यूलर विकल्प
Airbus U145 के विकास में अलग-अलग चरणों वाला मॉड्यूलर दृष्टिकोण अपना रहा है. कंपनी के अनुसार पूरी तरह मानवरहित संस्करण से पहले कुछ मध्यवर्ती कॉन्फिगरेशन भी उपलब्ध कराए जा सकते हैं.
इनमें सुरक्षा पायलट के साथ उड़ान भरने का विकल्प शामिल है. Airbus का कहना है कि आबादी वाले या शहरी क्षेत्रों के ऊपर उड़ान के दौरान कुछ नियामकीय सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरा करने में सुरक्षा पायलट वाला कॉन्फिगरेशन मददगार हो सकता है. कंपनी ने बताया है कि U145 के विकास में कम से कम चार प्रमुख चरणों की योजना है, जिनमें से दो चरण मौजूदा ग्राहकों के लिए भी दोबारा इस्तेमाल किए जा सकते हैं.
2026 के अंत में पहली उड़ान का लक्ष्य

Airbus के अनुसार U145 तकनीकी दृष्टि से पहली उड़ान के लिए तैयार है. इसकी पहली उड़ान 2026 के अंत में सुरक्षा पायलट के साथ कराने की योजना है. इसके बाद लगभग तीन और प्रमुख विकास चरण पूरे किए जाने हैं. कंपनी का लक्ष्य दशक के अंत तक U145 को सीरियल प्रोडक्शन के लिए तैयार करना है. जून 2026 में Airbus ने U145 के अगले दशक की शुरुआत में सेवा में शामिल होने की योजना भी बताई थी.
U145 की एक अहम विशेषता यह है कि यह पूरी तरह नए हेलीकॉप्टर डिजाइन पर आधारित नहीं है. इसे H145 के स्थापित प्लेटफॉर्म से विकसित किया गया है. Airbus के अनुसार दुनिया भर में H145 परिवार के 1,800 से अधिक हेलीकॉप्टर सैन्य, सरकारी और नागरिक मिशनों में सेवा में हैं और इन हेलीकॉप्टरों ने 8.5 मिलियन से अधिक उड़ान घंटे पूरे किए हैं.
H145 में दो Safran Arriel 2E इंजन लगे हैं और इसमें Full Authority Digital Engine Control (FADEC) सिस्टम का इस्तेमाल होता है. Airbus ने H145 की कम ध्वनिक पहचान और कम CO2 उत्सर्जन को भी इसकी प्रमुख विशेषताओं में शामिल किया है. U145 इसी स्थापित प्लेटफॉर्म को मानवरहित और स्वायत्त संचालन के लिए अनुकूलित करता है.
Airbus के UAS पोर्टफोलियो में महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म
U145 Airbus के व्यापक Uncrewed Aerial Systems (UAS) पोर्टफोलियो का हिस्सा है. कंपनी ने इसे H145 के मानवरहित संस्करण के रूप में अपने हेलीकॉप्टर और UAS क्षमताओं के बीच एक कड़ी के तौर पर विकसित किया है.
फिलहाल U145 विकास के चरण में है. इसकी पहली उड़ान 2026 के अंत में प्रस्तावित है और सीरियल प्रोडक्शन के लिए आवश्यक विकास कार्य दशक के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. इसलिए इसकी कार्गो, स्वायत्तता, ड्रोन मदरशिप और अन्य मिशन क्षमताओं को Airbus की घोषित विकास योजनाओं के रूप में देखा जाना चाहिए, न कि पहले से परिचालन में मौजूद क्षमता के रूप में.