BEL और Elbit Systems के बीच समझौता, Aircraft की मिसाइल सुरक्षा प्रणाली के सब-असेंबली बनाएगा भारत

BEL और Elbit Systems के बीच समझौता, Aircraft की मिसाइल सुरक्षा प्रणाली के सब-असेंबली बनाएगा भारत

Bharat Electronics Limited (BEL) ने रक्षा क्षेत्र में एक अहम निर्यात समझौता किया है. BEL ने Elbit Systems Electro-Optics ELOP Ltd के साथ Directed Infrared Countermeasure (DIRCM) सिस्टम के सब-असेंबली के उत्पादन और सप्लाई के लिए एक्सपोर्ट परचेज ऑर्डर एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर किए हैं. यह समझौता 16 सितंबर 2026 को बेंगलुरु में हुआ.

समझौते पर BEL के डायरेक्टर, बेंगलुरु कॉम्प्लेक्स राजनिश शर्मा और Elbit Systems के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट शाई कोहेन ने हस्ताक्षर किए. इस दौरान BEL के डायरेक्टर-मार्केटिंग अनूप कुमार राय, ईडी-EW&A गिरिराज एन., जीएम-IMD श्रीनिवास राव एच.पी. और Elbit Systems-ELOP के DIRCM Systems प्रमुख ब्नाया जिव मौजूद रहे.

समझौते के तहत BEL, Elbit Systems ELOP के लिए DIRCM सिस्टम से जुड़े सब-असेंबली का उत्पादन और सप्लाई करेगा. इस करार को भारत के बढ़ते रक्षा निर्यात और वैश्विक रक्षा उत्पादन श्रृंखला में भारतीय कंपनियों की बढ़ती भागीदारी से जोड़कर देखा जा रहा है.

एयरक्राफ्ट को मिसाइलों से बचाता है DIRCM

DIRCM एक आधुनिक एयरक्राफ्ट सेल्फ-प्रोटेक्शन सिस्टम है, जिसे आम तौर पर ‘IR Jammer’ भी कहा जाता है. इसका इस्तेमाल विमान को इंफ्रारेड-गाइडेड यानी गर्मी तलाशने वाली मिसाइलों से बचाने के लिए किया जाता है.

इस तरह की मिसाइलें विमान के इंजन या अन्य गर्म हिस्सों से निकलने वाली इंफ्रारेड ऊर्जा को पहचानकर उसे निशाना बना सकती हैं. DIRCM सिस्टम ऐसे खतरे के खिलाफ काउंटरमेजर उपलब्ध कराता है, जिससे मिसाइल की विमान तक पहुंचने की क्षमता को बाधित किया जा सके.

एयरक्राफ्ट के लिए यह क्षमता खास तौर पर टेकऑफ, क्रूज और लैंडिंग जैसे महत्वपूर्ण उड़ान चरणों में उपयोगी होती है. कंधे से दागी जाने वाली एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइलें भी इंफ्रारेड-आधारित खतरे का एक स्रोत हो सकती हैं.

BEL और Elbit Systems के बीच समझौता, Aircraft की मिसाइल सुरक्षा प्रणाली के सब-असेंबली बनाएगा भारत
फोटो क्रेडिट-Bharat Electronics Limited (BEL)

रक्षा निर्यात में BEL की बढ़ती भूमिका

BEL और Elbit Systems ELOP के बीच हुआ यह समझौता भारतीय रक्षा उद्योग के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें भारत में तैयार किए गए रक्षा उपकरणों के सब-असेंबली की विदेशी कंपनी को सप्लाई शामिल है.

इस तरह BEL न केवल घरेलू रक्षा जरूरतों के लिए उत्पादन कर रही है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय रक्षा कंपनियों की सप्लाई चेन में भी अपनी भागीदारी बढ़ा रही है. DIRCM जैसे एयरबोर्न सेल्फ-प्रोटेक्शन सिस्टम से जुड़े सब-असेंबली का उत्पादन भारत की रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स और एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग क्षमता के विस्तार को भी दर्शाता है. इस समझौते की वित्तीय कीमत, अंतिम ग्राहक और DIRCM सब-असेंबली किन विशेष एयरक्राफ्ट प्लेटफॉर्म के लिए इस्तेमाल किए जाएंगे, इसकी जानकारी उपलब्ध घोषणा में नहीं दी गई है.

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