US Iran War में अमेरिकी नुकसान का खुलासा, $38 अरब से ज्यादा खर्च और 22.3 अरब डॉलर के हथियार इस्तेमाल
अमेरिकी रक्षा विभाग के Inspector General की नई रिपोर्ट और Congressional Budget Office (CBO) के ताजा आकलन से Iran के खिलाफ युद्ध में अमेरिका को हुए सैन्य और आर्थिक नुकसान का बड़ा ब्यौरा सामने आया है.
रिपोर्ट के मुताबिक, ऑपरेशन ‘Epic Fury’ में अमेरिका ने अरबों डॉलर के हथियार इस्तेमाल किए, दर्जनों विमान खोए या क्षतिग्रस्त हुए और मध्य पूर्व में उसके सैन्य ठिकानों के सैकड़ों ढांचे ईरानी हमलों में क्षतिग्रस्त या नष्ट हुए. वहीं CBO के अनुसार, 1 अगस्त 2026 तक युद्ध की लागत 38 अरब डॉलर से अधिक हो चुकी थी.
33.4 अरब डॉलर की लागत, 22.3 अरब डॉलर के हथियार खर्च
Inspector General की 14 सितंबर को जारी Lead Inspector General Report के अनुसार, 29 जून तक Operation Epic Fury की अनुमानित लागत 33.4 अरब डॉलर थी. इसमें 7.4 अरब डॉलर के अतिरिक्त परिचालन खर्च, 22.3 अरब डॉलर के इस्तेमाल किए गए हथियारों की लागत और 3.7 अरब डॉलर के उपकरण नुकसान को शामिल किया गया था. इस आंकड़े में सैन्य बुनियादी ढांचे की मरम्मत का खर्च शामिल नहीं था.
इसके बाद CBO ने 15 सितंबर को बताया कि 1 अगस्त तक युद्ध की कुल लागत 38 अरब डॉलर से अधिक पहुंच गई थी. CBO के मुताबिक, संघर्ष जारी रहने पर खर्च में हर महीने करीब 3 अरब डॉलर तक की बढ़ोतरी हो सकती है.
चार F-15E नष्ट, F-35A भी क्षतिग्रस्त
अमेरिकी Inspector General की रिपोर्ट में अमेरिकी विमानों को हुए नुकसान का भी विस्तृत ब्यौरा दिया गया है. रिपोर्ट के अनुसार चार F-15E नष्ट हुए. इनमें तीन विमान friendly fire और एक दुश्मन की कार्रवाई में नष्ट हुआ. इसके अलावा एक F-35A विमान ईरान के ऊपर दुश्मन की कार्रवाई में क्षतिग्रस्त हुआ. एक A-10 विमान मिशन से लौटते समय हुए नुकसान के कारण नष्ट करना पड़ा. रिपोर्ट में सात KC-135 टैंकर विमानों के क्षतिग्रस्त या नष्ट होने का उल्लेख है. इनमें पांच को सऊदी अरब में जमीन पर ईरानी हथियारों से नुकसान पहुंचा. एक E-3 एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल विमान भी सऊदी अरब में ईरानी हमले से क्षतिग्रस्त हुआ. रिपोर्ट के मुताबिक, MQ-9 Reaper ड्रोन के 30 तक नष्ट होने की जानकारी है. इसके अलावा एक MQ-4C के दुर्घटनाग्रस्त होने, एक AH-64 के स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के ऊपर गिराए जाने और एक MH-60 के अरब सागर में दुर्घटनाग्रस्त होने का भी उल्लेख है.

आठ देशों में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को नुकसान
अमेरिकी रिपोर्ट के अनुसार ईरानी हमलों से कुवैत, बहरीन, कतर, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, इराक, ओमान और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों के सैकड़ों भवनों और अन्य ढांचों को नुकसान पहुंचा या वे नष्ट हुए. रिपोर्ट के मुताबिक, बहरीन में अमेरिकी नौसेना का प्रमुख लॉजिस्टिक हब भी ईरानी ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइल हमलों का निशाना बना. इसके बाद अमेरिकी सेना ने अपने नौसैनिक लॉजिस्टिक्स संसाधनों को वैकल्पिक केंद्रों की ओर स्थानांतरित किया.
हथियारों के भंडार में रणनीतिक कमी
इस रिपोर्ट का एक अहम निष्कर्ष अमेरिकी हथियार भंडार से जुड़ा है. अमेरिकी रक्षा विभाग के Acquisition and Sustainment कार्यालय ने Inspector General को बताया कि Operation Epic Fury में हथियारों के बड़े पैमाने पर इस्तेमाल से अमेरिकी सैन्य भंडार में “strategic inventory shortfalls” पैदा हुए हैं. रिपोर्ट में कहा गया है कि हथियारों की दोबारा आपूर्ति में अमेरिकी रक्षा औद्योगिक आधार की उत्पादन संबंधी बाधाएं भी सामने आई हैं. खास तौर पर solid rocket motors, high-grade explosives और skilled manufacturing labor की उपलब्धता को लगातार चुनौती बताया गया है. अमेरिकी रक्षा विभाग ने उत्पादन बढ़ाने, महत्वपूर्ण सामग्री और घटकों का भंडार बनाने तथा खरीद और उत्पादन प्रक्रिया को तेज करने के उपाय शुरू किए हैं. हालांकि रिपोर्ट में कहा गया है कि उत्पादन क्षमता बढ़ाने में “significant lead time” लगेगा.
अमेरिकी सैनिकों और राजनयिक ठिकानों को भी नुकसान
Inspector General की रिपोर्ट के अनुसार 28 फरवरी से 30 जून के बीच Operation Epic Fury के दौरान सात अमेरिकी सैनिक कार्रवाई में मारे गए और सात की गैर-शत्रुतापूर्ण घटनाओं में मौत हुई. इसी अवधि में 417 सैनिक कार्रवाई में घायल हुए. रिपोर्ट में जुलाई में चार और अमेरिकी सैनिकों के कार्रवाई में मारे जाने का उल्लेख है. ईरानी हमलों से इराक, कुवैत, सऊदी अरब और UAE में अमेरिकी राजनयिक ठिकानों को भी भौतिक नुकसान पहुंचा. इन नुकसान की अनुमानित लागत करीब 184 मिलियन डॉलर बताई गई है. इसमें इराक में 157.35 मिलियन डॉलर, कुवैत में 14.75 मिलियन डॉलर, सऊदी अरब में 11.50 मिलियन डॉलर और UAE में 0.125 मिलियन डॉलर का नुकसान शामिल है.
CBO ने बताया- हथियारों का भंडार भरने में लग सकते हैं पांच साल
CBO के ताजा आकलन के मुताबिक युद्ध में हथियारों की तेज खपत ने अमेरिकी सैन्य भंडार पर दबाव बढ़ाया है और कुछ महत्वपूर्ण हथियारों के भंडार को दोबारा भरने में करीब पांच साल तक लग सकते हैं. CBO ने यह भी कहा कि अमेरिकी रक्षा विभाग ने उसके वित्तीय आंकड़े जुटाने के अनुरोध में सहयोग नहीं किया, इसलिए उसके आकलन की कुछ सीमाएं हैं.
इन अमेरिकी सरकारी आकलनों से युद्ध में हुए नुकसान की व्यापक तस्वीर सामने आती है. अमेरिकी रक्षा विभाग के शुरुआती अनुमान में लागत 33.4 अरब डॉलर आंकी गई थी, जबकि बाद में कांग्रेस के बजट कार्यालय (CBO) ने 1 अगस्त तक यह आंकड़ा 38 अरब डॉलर से अधिक बताया. इसके अलावा, 3.7 अरब डॉलर के उपकरण नुकसान, 22.3 अरब डॉलर के इस्तेमाल किए गए हथियारों, दर्जनों क्षतिग्रस्त या नष्ट विमानों और मध्य पूर्व में सैकड़ों क्षतिग्रस्त सैन्य ढांचों का भी उल्लेख सामने आया है.