Cochin Shipyard और UAE की Drydocks World का बड़ा समझौता, कोच्चि में 80 से ज्यादा जहाजों की सालाना मरम्मत होगी
Cochin Shipyard लिमिटेड (सीएसएल) और डीपी वर्ल्ड की कंपनी ड्राईडॉक्स वर्ल्ड ने कोच्चि स्थित इंटरनेशनल शिप रिपेयर फैसिलिटी (आईएसआरएफ) के संचालन और विस्तार के लिए 50:50 संयुक्त उद्यम समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. इस साझेदारी का उद्देश्य भारत में पोत मरम्मत क्षमता को बढ़ाना और कोच्चि को एक प्रमुख समुद्री सेवा केंद्र के रूप में विकसित करना है.
समझौते पर ड्राईडॉक्स वर्ल्ड के सीईओ कैप्टन राडो एंटोलोविच और कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक जोस वी. जे. ने नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 से इतर केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल तथा संयुक्त अरब अमीरात के उन्नत विज्ञान और प्रौद्योगिकी के सहायक विदेश मंत्री ओम्रान शराफ अलहाशिमी की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए.
यह संयुक्त उद्यम इंडिया मैरीटाइम वीक 2025 के दौरान ड्राईडॉक्स वर्ल्ड और सीएसएल के बीच हुए समझौता ज्ञापन पर आधारित है. उस एमओयू के तहत दोनों कंपनियों ने पोत मरम्मत और इससे जुड़ी समुद्री सेवाओं में सहयोग के अवसर तलाशने पर सहमति जताई थी. अब दोनों कंपनियों ने 50:50 संयुक्त उद्यम के जरिए इस सहयोग को औपचारिक रूप दिया है.
आईएसआरएफ का होगा संचालन और विस्तार
संयुक्त उद्यम कोच्चि में इंटरनेशनल शिप रिपेयर फैसिलिटी का संचालन, समेकन और विस्तार करेगा. इसका उद्देश्य सुविधा की क्षमता बढ़ाकर विभिन्न प्रकार के अधिक पोतों की मरम्मत और अन्य संबंधित सेवाएं उपलब्ध कराना है. इससे भारतीय, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों की पोत मरम्मत संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए अतिरिक्त क्षमता तैयार होगी.
आईएसआरएफ प्रमुख अंतरराष्ट्रीय शिपिंग मार्गों के किनारे रणनीतिक रूप से स्थित है. सुविधा में शिप लिफ्ट प्रणाली और आधुनिक डॉकिंग सुविधाएं मौजूद हैं, जिनके जरिए अलग-अलग प्रकार के पोतों की सेवा की जा सकती है.

भारत की पोत मरम्मत क्षमता को मिलेगा बढ़ावा
इस साझेदारी के तहत सीएसएल की पोत निर्माण और मरम्मत क्षमताओं, इंजीनियरिंग विशेषज्ञता तथा कुशल कार्यबल को ड्राईडॉक्स वर्ल्ड के वैश्विक पोत मरम्मत एवं रखरखाव, बड़े रूपांतरण और ऑफशोर इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (ईपीसी) के अनुभव के साथ जोड़ा जाएगा.
कंपनियों के अनुसार, इस सहयोग से कोच्चि की समुद्री सेवा केंद्र के रूप में स्थिति मजबूत होने के साथ केरल में पोत मरम्मत, इंजीनियरिंग, फैब्रिकेशन और इससे जुड़ी समुद्री सेवाओं में अवसर पैदा होने की उम्मीद है.
केंद्रीय बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा कि कोचीन शिपयार्ड और ड्राईडॉक्स वर्ल्ड के बीच साझेदारी भारत के पोत मरम्मत पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने कहा कि भारत की बढ़ती पोत निर्माण और पोत मरम्मत क्षमताओं को संयुक्त अरब अमीरात की वैश्विक समुद्री विशेषज्ञता से जोड़ने से नई क्षमता, कौशल और आर्थिक अवसर पैदा होंगे.
पूरे भारत में विस्तार की योजना
बंदरगाह, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय के सचिव विजय कुमार ने कहा कि यह संयुक्त उद्यम केवल कोच्चि तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे भारत की विस्तृत तटरेखा पर दोहराए जाने वाले मॉडल के रूप में विकसित किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि इसके जरिए पोत मरम्मत और रूपांतरण के उत्कृष्टता केंद्र विकसित करने, विदेशी निवेश आकर्षित करने, विदेशी मुद्रा अर्जित करने और रोजगार के अवसर पैदा करने की संभावनाएं हैं.
ड्राईडॉक्स वर्ल्ड के सीईओ कैप्टन राडो एंटोलोविच ने कहा कि कंपनी की वैश्विक क्षमताओं और प्रौद्योगिकी को कोचीन शिपयार्ड की स्थानीय विशेषज्ञता और कुशल कार्यबल के साथ जोड़कर विश्वस्तरीय पोत मरम्मत सेवाएं विकसित की जाएंगी. उन्होंने कहा कि कंपनी एक सुविधा तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि पूरे भारत में पोत मरम्मत और फैब्रिकेशन क्षमताओं के विस्तार के अवसर देखती है.
कोचीन शिपयार्ड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक जोस वी. जे. ने कहा कि संयुक्त उद्यम भारत को वैश्विक पोत मरम्मत केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. उन्होंने कहा कि सीएसएल के घरेलू अनुभव और ड्राईडॉक्स वर्ल्ड की वैश्विक विशेषज्ञता को मिलाकर मरम्मत सेवाओं की क्षमता बढ़ाने, टर्नअराउंड समय में तेजी लाने तथा गुणवत्ता और सुरक्षा के मानकों को मजबूत करने पर ध्यान दिया जाएगा.
संयुक्त उद्यम में ड्राईडॉक्स वर्ल्ड और कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड दोनों की 50-50 प्रतिशत हिस्सेदारी होगी. शुरुआती पूंजी दोनों पक्षों की ओर से इक्विटी योगदान के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी.
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