Rheinmetall ने 155 मिमी तोपखाने के गोले की बड़ी अंतरराष्ट्रीय डील की, 2027 तक पूरी होगी सप्लाई
Germany की रक्षा कंपनी Rheinmetall को एक अंतरराष्ट्रीय ग्राहक से 155 मिमी आर्टिलरी गोला-बारूद की आपूर्ति का बड़ा ऑर्डर मिला है. कंपनी के मुताबिक, ग्राहक ने 155 मिमी आर्टिलरी प्रोजेक्टाइल की पांच अंकों में कम संख्या का ऑर्डर दिया है. इस कॉन्ट्रैक्ट की कीमत तीसरे तिमाही में दर्ज की गई है और यह तीन अंकों के निचले मिलियन यूरो के दायरे में है.
Rheinmetall ने बताया कि इस ऑर्डर पर उत्पादन शुरू हो चुका है और इसकी सप्लाई 2027 तक पूरी की जानी है. कंपनी के अनुसार, जिन 155 मिमी प्रोजेक्टाइल की आपूर्ति की जाएगी, वे पहले से ही कई NATO देशों की सेनाओं में इस्तेमाल किए जा रहे हैं.
कई 155 मिमी हथियार प्रणालियों से दागे जा सकते है
कंपनी के मुताबिक, इन आर्टिलरी प्रोजेक्टाइल को विभिन्न 155 मिमी हथियार प्रणालियों से इस्तेमाल किया जा सकता है. इनकी प्रमुख विशेषताओं में लंबी मारक क्षमता और उच्च प्रभावशीलता शामिल है. Rheinmetall का कहना है कि यह ऑर्डर आर्टिलरी सिस्टम और बड़े कैलिबर के गोला-बारूद के क्षेत्र में उसकी विशेषज्ञता को भी दर्शाता है.
155 मिमी कैलिबर के तोपखाने के गोले आधुनिक सेनाओं के लिए महत्वपूर्ण गोला-बारूद माने जाते हैं और NATO देशों में इस कैलिबर का व्यापक इस्तेमाल होता है. रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद इस तरह के आर्टिलरी गोला-बारूद की मांग में भी काफी वृद्धि हुई है.
2030 तक हर साल 15 लाख 155 मिमी गोले बनाने का लक्ष्य
Rheinmetall बढ़ती वैश्विक मांग को पूरा करने के लिए अपनी मौजूदा उत्पादन सुविधाओं की क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ नए उत्पादन केंद्र भी स्थापित कर रही है. कंपनी बड़े कैलिबर के गोला-बारूद की दुनिया की प्रमुख निर्माताओं में से एक है.
कंपनी ने 2022 से अपने गोला-बारूद उत्पादन को लगातार बढ़ाने पर काम किया है. Rheinmetall का लक्ष्य 2030 तक हर साल करीब 15 लाख 155 मिमी आर्टिलरी शेल बनाने की उत्पादन क्षमता हासिल करना है. नए अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर को इसी बढ़ती उत्पादन क्षमता और वैश्विक स्तर पर 155 मिमी गोला-बारूद की बढ़ती मांग के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
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