Lockheed Martin ने NGI इंटरसेप्टर का अहम बर्स्ट टेस्ट किया सफल, 2030 तैनाती की ओर बड़ा कदम
अमेरिकी रक्षा कंपनी लॉकहीड मार्टिन (Lockheed Martin) ने अपने Next Generation Interceptor (NGI) कार्यक्रम में एक महत्वपूर्ण तकनीकी उपलब्धि हासिल कर ली है. कंपनी ने NGI के दूसरे चरण (Second Stage) के मोटर केस (Motor Case) का महत्वपूर्ण बर्स्ट टेस्ट (Burst Test) सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है. यह परीक्षण कार्यक्रम को इस वर्ष होने वाली क्रिटिकल डिजाइन रिव्यू (Critical Design Review – CDR) की दिशा में आगे बढ़ाता है.
परीक्षण के दौरान इंजीनियरों ने मोटर केस के अंदर कार्बन-फाइबर से सुदृढ़ (Carbon-Fiber Reinforced) जल-पात्र (Water Vessel) भरकर उसे लॉन्च के दौरान अपेक्षित दबाव से भी अधिक दबाव तक फुलाया. परीक्षण में मोटर केस निर्धारित सीमा तक अत्यधिक भार (Induced Loads) सहने के बाद ही विफल हुआ, जिससे यह साबित हुआ कि इसकी कंपोजिट संरचना (Composite Structure) पर्याप्त मजबूत होने के साथ हल्की भी है. साथ ही यह वास्तविक लॉन्च के दौरान उत्पन्न होने वाली अत्यधिक परिस्थितियों को सहन करते हुए इंटरसेप्टर के पेलोड को कक्षा (Orbit) तक पहुंचाने के लिए आवश्यक थ्रस्ट प्रदान करने में सक्षम होगी.
‘Born-Digital’ डिजाइन से तेज हुआ NGI का विकास
लॉकहीड मार्टिन के NGI कार्यक्रम के उपाध्यक्ष क्रिस्टोफर ज्वेल ने कहा कि यह सफल बर्स्ट टेस्ट CDR की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और कंपनी को 2030 तक NGI को तैनात करने के लक्ष्य के और करीब ले जाता है. उनके अनुसार यह परीक्षण साबित करता है कि NGI की उन्नत मोटर संरचना उड़ान के दौरान आने वाली कठोर परिस्थितियों को झेलते हुए भी सटीक प्रदर्शन कर सकती है.

कंपनी के अनुसार NGI कार्यक्रम को तेजी से आगे बढ़ाने में कई प्रमुख कारक भूमिका निभा रहे हैं. NGI की “Born-Digital” डिजाइन पद्धति के कारण जिन डिजाइनों को पहले तैयार करने और सत्यापित करने में वर्षों लगते थे, उन्हें अब कुछ महीनों में विकसित, निर्मित और परीक्षण किया जा सकता है.
इसके अलावा लॉकहीड मार्टिन अलबामा में विशेष विनिर्माण सुविधाओं (Manufacturing Facilities) के निर्माण और विस्तार पर करोड़ों डॉलर का निवेश कर रही है. इन संयंत्रों में उन्नत उत्पादन तकनीकों, नई प्रोडक्शन लाइनों, आधुनिक टूलिंग और संयंत्र लेआउट को शामिल किया जा रहा है ताकि भविष्य में उत्पादन की बढ़ती मांग को पूरा किया जा सके. कंपनी NGI कार्यक्रम के लिए पूरे अमेरिका में फैले अपने सप्लाई चेन नेटवर्क का भी उपयोग कर रही है.
Next Generation Interceptor को अमेरिका की Ground-Based Midcourse Defense (GMD) प्रणाली की अगली पीढ़ी की मिसाइल रक्षा क्षमता के लिए विकसित किया जा रहा है. यह इंटरसेप्टर लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों से रक्षा करने वाली अगली पीढ़ी की मिसाइल रक्षा प्रणाली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होगा और अमेरिका की बैलिस्टिक मिसाइल रोधी क्षमता को और अधिक मजबूत बनाएगा.