India-Australia ने रक्षा और सुरक्षा सहयोग पर संयुक्त घोषणा पत्र जारी किया, समुद्री सुरक्षा और साइबर सहयोग को मिलेगा नया बल
India और Australia ने रक्षा और सुरक्षा सहयोग को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से एक व्यापक संयुक्त घोषणा (Joint Declaration) जारी की है. दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने अपने साझा बयान में एक खुले, शांतिपूर्ण, स्थिर और समृद्ध हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई और रक्षा, समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी सहयोग तथा रक्षा उद्योगों के बीच साझेदारी को नई गति देने का ऐलान किया.
संयुक्त घोषणा में दोनों नेताओं ने कहा कि वर्ष 2020 में स्थापित व्यापक रणनीतिक साझेदारी (Comprehensive Strategic Partnership – CSP) ने भारत और ऑस्ट्रेलिया के संबंधों को नई मजबूती दी है. पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच रणनीतिक सहयोग, आर्थिक संबंध और लोगों के बीच संपर्क लगातार मजबूत हुए हैं. साथ ही, क्वाड (Quad) और अन्य क्षेत्रीय मंचों पर दोनों देशों का सहयोग पूरे हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है.
India-Australia ने क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों पर जताई चिंता

भारत और ऑस्ट्रेलिया ने मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों और क्षेत्रीय शांति एवं स्थिरता के सामने बढ़ते खतरों पर चिंता व्यक्त की. दोनों देशों ने सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करते हुए विवादों का समाधान शांतिपूर्ण तरीके से करने और बल प्रयोग या दबाव से बचने की अपील की.
दोनों नेताओं ने यह भी दोहराया कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता, नौवहन और हवाई उड़ान की स्वतंत्रता तथा 1982 के संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून सम्मेलन (UNCLOS) के सिद्धांतों का पालन आवश्यक है.
India-Australia रक्षा सहयोग को मिलेगा नया आयाम
संयुक्त घोषणा के तहत भारत और ऑस्ट्रेलिया ने रक्षा सहयोग को कई नए क्षेत्रों में विस्तार देने का फैसला किया है. दोनों देश हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा से जुड़े घटनाक्रमों पर नियमित रणनीतिक परामर्श करेंगे, संयुक्त सैन्य अभ्यासों को और अधिक प्रभावी बनाएंगे तथा सेनाओं के बीच इंटरऑपरेबिलिटी (Interoperability) और सूचना साझाकरण को बढ़ावा देंगे.
इसके अलावा दोनों देश एक-दूसरे के क्षेत्रों से सैन्य विमानों की तैनाती बढ़ाने, सैन्य अधिकारियों के प्रशिक्षण और आदान-प्रदान को मजबूत करने तथा कुशल रक्षा कार्यबल के विकास में सहयोग की संभावनाएं भी तलाशेंगे.
समुद्री सुरक्षा और रक्षा उद्योग पर विशेष जोर

भारत और ऑस्ट्रेलिया ने समुद्री क्षेत्र को दोनों देशों की सुरक्षा और आर्थिक हितों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए भारत-ऑस्ट्रेलिया समुद्री सुरक्षा सहयोग रोडमैप के माध्यम से समुद्री सहयोग को और गहरा करने की घोषणा की.
दोनों देशों ने रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग, संयुक्त अनुसंधान, रक्षा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, नवाचार तथा मजबूत रक्षा आपूर्ति श्रृंखला विकसित करने पर भी सहमति जताई. उन्नत रक्षा तकनीकों के विकास और रक्षा उद्योगों के एकीकरण को दोनों देशों ने भविष्य की प्राथमिकताओं में शामिल किया है.
साइबर सुरक्षा और उभरती तकनीकों पर बढ़ेगा सहयोग
संयुक्त घोषणा में साइबर सुरक्षा और उभरती प्रौद्योगिकियों को भी प्रमुख स्थान दिया गया है. दोनों देश Australia-India Partnership on Cyber and Critical Technologies (AI-PACTS) के तहत साइबर सुरक्षा, महत्वपूर्ण एवं उभरती तकनीकों तथा रणनीतिक प्रौद्योगिकियों पर सहयोग बढ़ाएंगे. साथ ही, महत्वपूर्ण आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुरक्षित और अधिक मजबूत बनाने पर भी मिलकर काम करेंगे.
India-Australia आतंकवाद के खिलाफ साझा लड़ाई में साथ
भारत और ऑस्ट्रेलिया ने आतंकवाद और हिंसक उग्रवाद के खिलाफ अपने सहयोग को और मजबूत करने का संकल्प लिया. दोनों देश आतंकवादी संगठनों और व्यक्तियों से जुड़ी सूचनाओं का आदान-प्रदान बढ़ाएंगे तथा नई तकनीकों, आतंकवाद के वित्तपोषण, महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे, समुद्री सुरक्षा और ऑनलाइन कट्टरपंथ जैसे क्षेत्रों में संयुक्त प्रयास करेंगे.
इसके अलावा, दोनों देशों ने मानव तस्करी, अवैध प्रवासन और अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध के खिलाफ भी सहयोग जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई.
अमेरिका और जापान के साथ भी बढ़ेगा समन्वय

भारत और ऑस्ट्रेलिया ने कहा कि वे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अमेरिका और जापान के साथ अपने सहयोग का और विस्तार करेंगे. साथ ही, त्रिपक्षीय तंत्र, इंडो-पैसिफिक ओशन्स इनिशिएटिव (IPOI) और क्वाड जैसे मंचों के माध्यम से क्षेत्रीय सहयोग को आगे बढ़ाया जाएगा.
आपदा राहत और मानवीय सहायता में भी सहयोग
दोनों देशों ने मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (HADR) सहयोग को मजबूत करने पर भी सहमति व्यक्त की. इसके तहत सूचना साझा करने, विशेषज्ञों के आदान-प्रदान, संयुक्त आपदा प्रबंधन अभ्यास और Quad Indo-Pacific Logistics Network के माध्यम से बड़े प्राकृतिक आपदाओं के दौरान समन्वित प्रतिक्रिया क्षमता विकसित की जाएगी. तीसरे देशों में निकासी अभियानों और संकट की स्थिति में संयुक्त प्रतिक्रिया पर भी दोनों देश मिलकर काम करेंगे.
संयुक्त घोषणा में भारत और ऑस्ट्रेलिया ने परमाणु हथियारों से मुक्त विश्व के लक्ष्य का समर्थन करते हुए वैश्विक, सत्यापन योग्य और गैर-भेदभावपूर्ण परमाणु निरस्त्रीकरण तथा अप्रसार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई.
क्या है इस घोषणा का महत्व?
यह संयुक्त घोषणा ऐसे समय आई है जब हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों, समुद्री सुरक्षा चुनौतियों और बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य के बीच भारत और ऑस्ट्रेलिया अपने रणनीतिक संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जा रहे हैं. रक्षा, समुद्री सुरक्षा, साइबर, आतंकवाद-रोधी सहयोग और उन्नत रक्षा तकनीकों में बढ़ता सहयोग न केवल दोनों देशों की सुरक्षा को मजबूत करेगा, बल्कि पूरे हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता और शक्ति संतुलन बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
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