America का Iran पर लगातार दूसरा बड़ा हमला, 90 सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना

अमेरिका ने ईरान पर फिर किए बड़े हमले, होर्मुज़ जलडमरूमध्य के तटीय इलाकों में 90 सैन्य ठिकाने निशाने पर

America Army की U.S. Central Command (CENTCOM) ने 8 जुलाई को Iran के खिलाफ एक और बड़े सैन्य अभियान को अंजाम दिया. अमेरिका का कहना है कि इन हमलों का उद्देश्य ईरान की उस सैन्य क्षमता को कमजोर करना है, जिसके जरिए वह होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों और नागरिक नाविकों को निशाना बना सकता है.

CENTCOM के अनुसार, इस अभियान में ईरान के लगभग 90 सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले किए गए. इन लक्ष्यों में वायु रक्षा प्रणाली, तटीय निगरानी (Coastal Surveillance) सिस्टम, मिसाइल और ड्रोन भंडारण केंद्र, नौसैनिक क्षमताएं तथा ईरान के समुद्री तट पर स्थित सैन्य लॉजिस्टिक्स इन्फ्रास्ट्रक्चर शामिल थे.

एक दिन पहले भी Iran पर हुए थे बड़े हमले

CENTCOM ने 8 जुलाई को ईरान के 90 सैन्य ठिकानों पर हमला किया।

इससे पहले 7 जुलाई को भी अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ व्यापक सैन्य कार्रवाई की थी. उस अभियान में करीब 80 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया था. CENTCOM के मुताबिक, उन हमलों में 60 से अधिक इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की छोटी नौकाओंको भी नष्ट किया गया.

अमेरिका का आरोप है कि ईरान ने संघर्षविराम (Ceasefire) का उल्लंघन करते हुए होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजर रहे तीन वाणिज्यिक जहाजों पर हमला किया था. इन्हीं घटनाओं के जवाब में यह सैन्य अभियान चलाया गया.

CENTCOM का बयान

America का Iran पर लगातार दूसरा बड़ा हमला, 90 सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना

CENTCOM ने कहा कि अमेरिकी सेना पूरी तरह सतर्क, घातक क्षमता से लैस और राष्ट्रपति के निर्देशों के अनुसार आगे भी आवश्यक सैन्य अभियान चलाने के लिए तैयार है. अमेरिकी सेना ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई जारी रहेगी.

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