भारत सरकार ने Vice Admiral Krishna Swaminathan को बनाया नया Indian Navy, 1 जून से संभालेंगे कमान
भारत सरकार ने भारतीय नौसेना के वरिष्ठ अधिकारी Vice Admiral Krishna Swaminathan, पीवीएसएम, एवीएसएम, वीएसएम को देश का नया नौसेना प्रमुख (Chief of the Naval Staff) नियुक्त किया है. वर्तमान नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी 31 मई 2026 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं, जिसके बाद वाइस एडमिरल स्वामीनाथन भारतीय नौसेना की कमान संभालेंगे.
वाइस एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन ने 31 जुलाई 2025 को पश्चिमी नौसेना कमान के 34वें फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ का कार्यभार ग्रहण किया था. उन्हें 1 जुलाई 1987 को भारतीय नौसेना में कमीशन मिला था और वे संचार एवं इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली के विशेषज्ञ माने जाते हैं.
अपने लंबे नौसैनिक करियर में उन्होंने कई अहम युद्धपोतों और रणनीतिक प्लेटफॉर्म की कमान संभाली है. इनमें मिसाइल पोत INS विद्युत और INS विनाश, मिसाइल कॉर्वेट INS कुलिश, गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर INS मैसूर और विमानवाहक पोत INS विक्रमादित्य शामिल हैं. नौसेना के भीतर उन्हें परिचालन क्षमता, प्रशिक्षण सुधार और सामरिक नेतृत्व के लिए जाना जाता है.
रियर एडमिरल बनने के बाद उन्होंने दक्षिणी नौसेना कमान, कोच्चि में चीफ स्टाफ ऑफिसर (ट्रेनिंग) के रूप में काम किया और भारतीय नौसेना की ट्रेनिंग प्रणाली को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई. वे भारतीय नौसेना सुरक्षा दल की स्थापना से भी जुड़े रहे, जो नौसेना के परिचालन क्षेत्रों की सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करता है.
इसके अलावा उन्होंने फ्लैग ऑफिसर सी ट्रेनिंग, पश्चिमी बेड़े के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग और ऑफशोर डिफेंस एडवाइजरी ग्रुप के प्रमुख के रूप में भी जिम्मेदारियां निभाईं.
वाइस एडमिरल के रूप में उन्होंने पश्चिमी नौसेना कमान में चीफ ऑफ स्टाफ, कार्मिक सेवाओं के नियंत्रक और नौसेना मुख्यालय में चीफ ऑफ पर्सोनल के रूप में कार्य किया. वर्तमान पद संभालने से पहले वे नौसेना मुख्यालय में वाइस चीफ ऑफ द नेवल स्टाफ थे.
शिक्षा के क्षेत्र में भी वाइस एडमिरल स्वामीनाथन का रिकॉर्ड बेहद मजबूत रहा है. उन्होंने जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से बीएससी, कोचीन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से दूरसंचार में एमएससी, किंग्स कॉलेज लंदन से रक्षा अध्ययन में एमए, मुंबई विश्वविद्यालय से सामरिक अध्ययन में एमफिल और अंतरराष्ट्रीय अध्ययन में पीएचडी की डिग्री प्राप्त की है.
उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भारतीय नौसेना हिंद महासागर क्षेत्र में अपनी सामरिक ताकत को लगातार बढ़ा रही है और स्वदेशी युद्धपोतों, एयरक्राफ्ट कैरियर और आधुनिक समुद्री युद्ध क्षमताओं पर तेजी से काम कर रही है. माना जा रहा है कि उनके नेतृत्व में भारतीय नौसेना की ऑपरेशनल और टेक्नोलॉजिकल क्षमताओं को और मजबूती मिलेगी.