MQ-25A Stingray की पहली उड़ान सफल, Lockheed Martin सिस्टम ने संभाला पूरा कंट्रोल
अमेरिका ने अपने नौसैनिक ड्रोन प्रोग्राम में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. MQ-25A Stingray ने अपनी पहली सफल उड़ान पूरी कर ली है, जिसे Lockheed Martin की एडवांस्ड कमांड-एंड-कंट्रोल टेक्नोलॉजी ने संचालित किया.
यह परीक्षण उड़ान अमेरिकी राज्य इलिनॉय के MidAmerica St. Louis Airport से की गई, जहां से ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन के जरिए ड्रोन को पूरी तरह ऑपरेट किया गया.
इस मिशन में Skunk Works द्वारा विकसित MDCX (Multi-Domain Command and Control) सिस्टम का उपयोग किया गया, जो Unmanned Carrier Aviation Mission Control System (UMCS) का प्रमुख हिस्सा है. इसी सिस्टम ने ड्रोन की टैक्सींग, टेकऑफ, उड़ान और लैंडिंग जैसी सभी प्रक्रियाओं को नियंत्रित किया.
करीब दो घंटे की इस उड़ान के दौरान ड्रोन ने निर्धारित मिशन प्रोफाइल को सफलतापूर्वक पूरा किया और इसके फ्लाइट कंट्रोल, नेविगेशन तथा सिस्टम इंटीग्रेशन को वैलिडेट किया गया. इस उपलब्धि को अमेरिकी नौसेना के लिए एक महत्वपूर्ण तकनीकी मील का पत्थर माना जा रहा है.
विशेषज्ञों के अनुसार, MQ-25A दुनिया का पहला कैरियर-आधारित मानवरहित एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग ड्रोन है, जो भविष्य में लड़ाकू विमानों की ऑपरेशनल रेंज को काफी बढ़ाने में मदद करेगा. इसके जरिए “manned-unmanned teaming” की क्षमता भी मजबूत होगी.
अमेरिकी नौसेना के अधिकारियों का कहना है कि यह परीक्षण भविष्य में एयरक्राफ्ट कैरियर से संचालित ड्रोन ऑपरेशनों के लिए नई दिशा तय करेगा.
फिलहाल, इस सफलता के बाद MQ-25A प्रोग्राम को आगे बढ़ाते हुए इसे जल्द ही अमेरिकी नौसेना के ऑपरेशनल बेड़े में शामिल करने की दिशा में काम तेज किया जाएगा.