Germany का नया Air Defence System! IRIS-T SLS MK4 में एक ही वाहन पर रडार, कमांड सेंटर और Missile
Germany की प्रमुख डिफेंस कंपनी Diehl Defence ने अपनी नई पीढ़ी का शॉर्ट-रेंज एयर डिफेंस सिस्टम IRIS-T SLS MK4 पेश किया है. कंपनी ने इसे एक “ऑल-इन-वन एयर डिफेंस सॉल्यूशन” बताया है, जिसमें रडार, कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम (C2) और मिसाइल लॉन्चर को एक ही मोबाइल प्लेटफॉर्म पर इंटीग्रेट किया गया है.
जर्मनी में आयोजित होने वाले ILA Berlin Air Show से पहले पेश किए गए इस सिस्टम को खासतौर पर चलती हुई सेना, महत्वपूर्ण ठिकानों और संवेदनशील इंफ्रास्ट्रक्चर को हवाई खतरों से बचाने के लिए डिजाइन किया गया है.
एक वाहन से पूरी एयर डिफेंस क्षमता
IRIS-T SLS MK4 की सबसे बड़ी खासियत इसका इंटीग्रेटेड डिजाइन है. सामान्य एयर डिफेंस सिस्टम में रडार, कमांड सेंटर और लॉन्चर अलग-अलग यूनिट में होते हैं, लेकिन इस सिस्टम में सभी प्रमुख हिस्सों को एक ही वाहन में लगाया गया है.
इससे सिस्टम को तेजी से किसी भी जगह तैनात किया जा सकता है और खतरे की स्थिति में प्रतिक्रिया समय काफी कम हो जाता है.
IRIS-T SLS MK4 में 12 किलोमीटर रेंज, 6 किलोमीटर ऊंचाई तक सुरक्षा
IRIS-T SLS MK4 एक शॉर्ट-रेंज एयर डिफेंस सिस्टम है, जिसकी प्रभावी मारक क्षमता करीब 12 किलोमीटर है और यह लगभग 6 किलोमीटर ऊंचाई तक आने वाले हवाई लक्ष्यों को निशाना बना सकता है.
यह सिस्टम ड्रोन, हेलीकॉप्टर, कम ऊंचाई पर उड़ने वाले विमान और अन्य हवाई खतरों के खिलाफ सुरक्षा देने के लिए बनाया गया है.

ऑटोमेशन से कम होगी मैनपावर की जरूरत
Diehl Defence के मुताबिक इस सिस्टम में ऑटोमेशन का स्तर काफी ज्यादा है. इसका मतलब है कि कम ऑपरेटर के साथ भी इसे तेजी से संचालित किया जा सकता है.
वाहन आधारित डिजाइन इसे अलग-अलग सैन्य जरूरतों के हिसाब से इस्तेमाल करने में ज्यादा लचीला बनाता है.
IRIS-T SLS MK4 में IRIS-T मिसाइल बनी रहेगी मुख्य ताकत
इस सिस्टम में पहले से इस्तेमाल की जा रही IRIS-T missile को ही इंटरसेप्टर के रूप में इस्तेमाल किया गया है. कंपनी के अनुसार मिसाइल के हार्डवेयर में बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन भविष्य में इसमें “फायर-ऑन-द-मूव” क्षमता जोड़ी जा सकती है, यानी चलते हुए वाहन से मिसाइल दागने की क्षमता.
इसके अलावा सिस्टम में भविष्य में अतिरिक्त हथियार जैसे ड्रोन रोधी इफेक्टर और अन्य वेपन स्टेशन भी जोड़े जा सकते हैं.
NATO मानकों के हिसाब से तैयार
IRIS-T SLS MK4 को NATO की आधुनिक जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है. कंपनी के अनुसार इसमें पेलोड क्षमता बढ़ाई गई है, जिससे ज्यादा मिसाइल ले जाने और ज्यादा प्रभावी मुकाबला करने की क्षमता मिलेगी.
आज के युद्धों में ड्रोन, क्रूज मिसाइल और लो-एल्टीट्यूड एयर थ्रेट तेजी से बढ़ रहे हैं. ऐसे में मोबाइल और तेजी से तैनात होने वाले एयर डिफेंस सिस्टम की मांग बढ़ रही है. IRIS-T SLS MK4 इसी बदलते खतरे के माहौल को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है.
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