INS Vagir के सेकंड रीडिंग डॉक्यूमेंट्स साइन, भारतीय नौसेना की पनडुब्बी ताकत को मिला नया मजबूती संकेत
भारतीय नौसेना की ताकत को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है. INS Vagir, जो Project-75 के तहत बनी 5वीं कलवरी क्लास पनडुब्बी है, उससे जुड़े सेकंड रीडिंग एक्सेप्टेंस डॉक्यूमेंट्स (D448) पर आज आधिकारिक रूप से हस्ताक्षर किए गए.
यह दस्तावेज़ V Puranik (रिटायर्ड), Offg. D(S&HE), Mazagon Dock Shipbuilders Limited (MDL) और Arvind Rawal, CSO (Tech), WNC द्वारा साइन किए गए. इस मौके पर MDL और भारतीय नौसेना के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे.

INS Vagir, स्कॉर्पीन डिजाइन पर आधारित एक आधुनिक डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बी है, जिसे अत्याधुनिक स्टेल्थ फीचर्स, उन्नत हथियार प्रणाली और लंबी दूरी तक ऑपरेशन की क्षमता के लिए जाना जाता है. यह पनडुब्बी भारतीय नौसेना की अंडरवाटर वॉरफेयर क्षमता को और अधिक घातक और प्रभावी बनाती है.

इस साइनिंग के साथ ही INS Vagir के ऑपरेशनल इंटीग्रेशन और फुल-स्केल डिप्लॉयमेंट की दिशा में एक और महत्वपूर्ण प्रक्रिया पूरी हो गई है, जो भारत की समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने में बड़ा योगदान देगी.