Indian Army ने 5.72 लाख 30mm ग्रेनेड खरीदने का टेंडर जारी किया, SDM तकनीक से लैस होंगे हथियार

भारतीय सेना ने 5.72 लाख 30mm ग्रेनेड खरीदने का टेंडर जारी किया, SDM तकनीक से लैस होंगे हथियार

Indian Army ने अपनी सामरिक क्षमता और जमीनी युद्धक ताकत को मजबूत करने के लिए 30mm ग्रेनेड्स की बड़ी मात्रा में खरीद की प्रक्रिया शुरू कर दी है. सेना मुख्यालय (Integrated Headquarters of Ministry of Defence – Army) ने 5,72,692 राउंड 30mm VOG-17/30 ग्रेनेड्स की खरीद के लिए आधिकारिक टेंडर (RFP) जारी किया है.

ग्रेनेड्स की खासियत और उपयोग

टेंडर के तहत खरीदे जाने वाले VOG-17 और VOG-30 ग्रेनेड्स हाई-एक्सप्लोसिव (HE) फ्रैगमेंटेशन श्रेणी के हैं. ये ग्रेनेड विशेष रूप से दुश्मन के ठिकानों पर एरिया सप्रेशन (Area Suppression), एंटी-पर्सनल ऑपरेशन्स के लिए उपयोग किए जाते हैं.

इनका उपयोग आमतौर पर ऑटोमैटिक ग्रेनेड लॉन्चर (AGL) जैसे AGS-17 और AGS-30 सिस्टम में किया जाता है, जो कम समय में लगातार फायरिंग कर दुश्मन के बड़े क्षेत्र को कवर करने में सक्षम होते हैं.

Self-Destruct Mechanism (SDM) से बढ़ेगी सुरक्षा

इस खरीद का सबसे अहम पहलू है कि सभी ग्रेनेड्स में Self-Destruct Mechanism (SDM) शामिल होगा.

Self-Destruct Mechanism (SDM) तकनीक के तहत यदि ग्रेनेड लक्ष्य पर फटने में विफल रहता है, तो वह निर्धारित समय के बाद स्वतः नष्ट हो जाता है.

इससे युद्ध के बाद जमीन पर पड़े Unexploded Ordnance (UXO) का खतरा काफी कम हो जाता है, जो सैनिकों और नागरिकों दोनों के लिए एक बड़ी सुरक्षा चुनौती होता है.

सेना की रणनीतिक तैयारी का संकेत

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में ग्रेनेड्स की खरीद भारतीय सेना की दीर्घकालिक ऑपरेशनल तैयारी का संकेत है. यह कदम दर्शाता है कि सेना भविष्य के उच्च तीव्रता वाले संघर्ष (High-Intensity Conflict) के लिए तैयार हो रही है. इन्फैंट्री यूनिट्स की फायरपावर को बढ़ा रही है और आधुनिक, सुरक्षित गोला-बारूद की ओर तेजी से बढ़ रही है.

चुनौतीपूर्ण इलाकों में मिलेगा बढ़त

यह ग्रेनेड्स विशेष रूप से उन इलाकों में प्रभावी माने जाते हैं जहाँ दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र, घने जंगल, सीमावर्ती संवेदनशील क्षेत्र जैसी परिस्थितियों में दुश्मन को कवर में रहते हुए निशाना बनाना होता है.

भारतीय सेना का यह कदम केवल हथियारों की खरीद नहीं, बल्कि आधुनिक युद्ध के बदलते स्वरूप के अनुरूप खुद को तैयार करने की रणनीति का हिस्सा है. SDM जैसी उन्नत तकनीक के साथ यह खरीद दर्शाती है कि सेना अब घातकता के साथ-साथ सुरक्षा और सटीकता पर भी बराबर ध्यान दे रही है.

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