CHINA ने विकसित किया ‘Manta Ray’ अंडरवॉटर रोबोट, समुद्र में छिपे विस्फोटकों की पहचान में सक्षम
CHINA ने समुद्री सुरक्षा और अंडरवॉटर युद्ध क्षमता को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए बायोनिक डिजाइन पर आधारित एक अत्याधुनिक “मंता रे” सबमर्सिबल रोबोट विकसित किया है. यह रोबोट गहरे समुद्र में कम दृश्यता की स्थिति में भी छिपे हुए विस्फोटकों और खतरनाक वस्तुओं की पहचान करने में सक्षम है.
सरकारी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस बायोनिक अंडरवॉटर ड्रोन ने हाल ही में परीक्षण के दौरान एक मीटर से भी कम दृश्यता वाले पानी में सिम्युलेटेड विस्फोटक उपकरण का सफलतापूर्वक पता लगाया.
उन्नत सोनार तकनीक से लैस
यह सबमर्सिबल कई अत्याधुनिक सोनार सिस्टम से लैस है, जिनमें फॉरवर्ड-लुकिंग सोनार, साइड-स्कैन सोनार शामिल हैं. ये सिस्टम समुद्र तल का सटीक मानचित्र तैयार करने और लक्ष्य की पहचान करने में मदद करते हैं. साथ ही, यह रोबोट रियल-टाइम में डेटा ट्रांसमिट करने की क्षमता भी रखता है, जिससे ऑपरेटर तुरंत निर्णय ले सकते हैं.
बायोनिक डिजाइन इसकी सबसे बड़ी ताकत
इस रोबोट का डिजाइन मंता रे मछली से प्रेरित है, जिससे यह पानी के भीतर बेहद स्थिर और कम शोर के साथ आगे बढ़ता है. यह विशेषता इसे संवेदनशील मिशनों के लिए अधिक प्रभावी बनाती है.
लंबी दूरी और गहराई में ऑपरेशन की क्षमता
यह अंडरवॉटर ड्रोन कई घंटों तक लगातार ऑपरेशन कर सकता है. सैकड़ों किलोमीटर तक सक्रिय मिशन चला सकता है और ग्लाइड मोड में हजारों किलोमीटर तक यात्रा करने में सक्षम है.
इसके अलावा, यह लगभग 200 एटमॉस्फियर तक के उच्च दबाव को सहन कर सकता है, जिससे यह गहरे समुद्र में भी कार्य कर सकता है.
AI और स्वार्म ऑपरेशन की सुविधा
यह रोबोट कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से लैस है, जिससे यह संचार बाधित होने की स्थिति में भी स्वायत्त रूप से अपना मिशन जारी रख सकता है.
विशेषज्ञों के अनुसार, कई मंता रे रोबोट मिलकर एक नेटवर्क के रूप में काम कर सकते हैं, जिससे समुद्र के भीतर व्यापक निगरानी और लक्ष्य पहचान संभव हो जाती है.
सैन्य उपयोग में बड़ा बदलाव संभव
यह तकनीक भविष्य में एंटी-सबमरीन ऑपरेशन, अंडरवॉटर माइंस की पहचान, गुप्त समुद्री मिशन जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है.
चीन द्वारा विकसित यह बायोनिक “मंता रे” अंडरवॉटर रोबोट समुद्री युद्ध और सुरक्षा रणनीतियों में बड़ा बदलाव ला सकता है. इसकी उन्नत तकनीक और स्वायत्त क्षमता इसे भविष्य के नौसैनिक अभियानों के लिए एक महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म बनाती है.