अमेरिका ने ARRW Hypersonic Missile उत्पादन के लिए Lockheed Martin को दिया 694 मिलियन डॉलर का ठेका

अमेरिका ने ARRW Hypersonic Missile उत्पादन के लिए Lockheed Martin को दिया 694 मिलियन डॉलर का ठेका

अमेरिकी वायुसेना ने AGM-183A एयर-लॉन्च्ड रैपिड रिस्पॉन्स वेपन (ARRW) हाइपरसोनिक मिसाइल के उत्पादन और उसे सैन्य उपयोग के लिए तैयार करने के उद्देश्य से Lockheed Martin को 694 मिलियन डॉलर का ठेका दिया है.

इसके साथ ही ARRW कार्यक्रम प्रोटोटाइप निर्माण और उड़ान परीक्षण के चरण से आगे बढ़कर उत्पादन के चरण में पहुंच गया है. हालांकि, अमेरिकी वायुसेना ने इस ठेके के तहत बनने वाली मिसाइलों की संख्या और उनकी आपूर्ति की समयसीमा का खुलासा नहीं किया है.

ARRW एक हवा से लॉन्च की जाने वाली हाइपरसोनिक मिसाइल है, जिसे लंबी दूरी से उच्च-मूल्य वाले और समय-संवेदनशील लक्ष्यों पर हमला करने के लिए विकसित किया गया है. यह बूस्ट-ग्लाइड तकनीक पर आधारित है. इसमें ठोस ईंधन वाला रॉकेट बूस्टर मिसाइल को ध्वनि की गति से पांच गुना या उससे अधिक गति तक पहुंचाता है. इसके बाद हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल अलग होकर लक्ष्य की ओर बढ़ता है.

इसकी तेज गति और उड़ान के दौरान दिशा बदलने की क्षमता विरोधी की वायु रक्षा प्रणालियों के लिए इसे ट्रैक करना और रोकना मुश्किल बना सकती है. अमेरिकी वायुसेना के मुताबिक, ARRW को अत्याधुनिक एंटी-एक्सेस और एरिया-डिनायल (A2/AD) प्रणालियों के बावजूद लक्ष्यों तक पहुंचने की क्षमता प्रदान करने के उद्देश्य से विकसित किया गया है.

इस मिसाइल के परीक्षण में B-52H स्ट्रैटोफोर्ट्रेस रणनीतिक बमवर्षक प्रमुख प्लेटफॉर्म रहा है. अमेरिकी वायुसेना ने B-1B लांसर बमवर्षक के साथ भी इसके इस्तेमाल की दिशा में परीक्षण की योजना बताई है.

अमेरिका ने ARRW Hypersonic Missile उत्पादन के लिए Lockheed Martin को दिया 694 मिलियन डॉलर का ठेका
फोटो – U.S. Air Force, @usairforce

ARRW कार्यक्रम की शुरुआत 2018 में हुई थी. इसके शुरुआती उड़ान परीक्षणों में कई असफलताएं सामने आईं. मई 2022 में मिसाइल का सफल परीक्षण हुआ, लेकिन कार्यक्रम को बजट और विकास संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ा.

मार्च 2023 में अमेरिकी वायुसेना ने संकेत दिया था कि वह ARRW के लिए उत्पादन संबंधी खरीद नहीं करेगी और हाइपरसोनिक अटैक क्रूज मिसाइल (HACM) जैसे दूसरे कार्यक्रमों पर अधिक ध्यान देगी. हालांकि, बाद के वर्षों में ARRW की खरीद को लेकर फिर से पहल हुई. वित्त वर्ष 2026 के बजट में इसके लिए धनराशि का प्रावधान किया गया और अब उत्पादन का ठेका दिया गया है.

इस फैसले से स्पष्ट है कि अमेरिकी वायुसेना ने ARRW को सैन्य उपयोग के लिए विकसित करने की दिशा में अपनी कोशिश फिर तेज की है. यह कदम लंबी दूरी से तेजी से हमला करने वाले हथियारों की क्षमता बढ़ाने की अमेरिकी रणनीति के अनुरूप है.

अमेरिकी वायुसेना के सचिव ट्रॉय मेइंक ने उत्पादन के लिए दिए गए ठेके को उन्नत हथियार विकास की दिशा में महत्वपूर्ण मोड़ बताया. उन्होंने कहा कि परीक्षण से उत्पादन की ओर बढ़ने से अमेरिकी सैन्य कमांडरों को तेज गति से हमला करने वाला ऐसा हथियार उपलब्ध कराने की दिशा में प्रगति हुई है, जो सबसे उन्नत एंटी-एक्सेस और एरिया-डिनायल रक्षा प्रणालियों को भेदने में सक्षम हो सकता है.

अमेरिकी वायुसेना प्रमुख जनरल केन विल्सबैक के अनुसार, ARRW को सैन्य उपयोग में शामिल करने से दुनिया के विभिन्न हिस्सों में मौजूद लक्ष्यों को जोखिम में रखने की अमेरिकी क्षमता बढ़ेगी. उन्होंने इसे अत्यधिक चुनौतीपूर्ण युद्ध परिस्थितियों में संयुक्त सैन्य बलों के लिए तेज और लचीला हमला विकल्प बताया.

उत्पादन का ठेका मिलना ARRW कार्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि मिसाइलों की बड़े पैमाने पर तैनाती शुरू हो चुकी है. आने वाले समय में इस कार्यक्रम की प्रगति से पता चलेगा कि अमेरिका ARRW को अपनी लंबी दूरी की पारंपरिक स्ट्राइक क्षमता का हिस्सा बनाने की दिशा में कितनी तेजी से आगे बढ़ता है.

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