Latvia ने रूस के State Duma चुनावों को नहीं माना, कब्जे वाले क्षेत्रों में मतदान पर जताई आपत्ति
Latvia ने रूस द्वारा यूक्रेन के कब्जे वाले क्षेत्रों के साथ-साथ Moldova और Georgia के विवादित क्षेत्रों में कराए गए तथाकथित State Duma चुनावों को मान्यता देने से इनकार कर दिया है. Latvia के विदेश मंत्रालय ने 18 सितंबर 2026 को जारी बयान में कहा कि इन क्षेत्रों में कराए गए रूसी संसदीय चुनावों का कोई वैध आधार नहीं है. Latvia ने रूस के इन चुनावों को अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ बताया है. उसने कहा कि यूक्रेनी क्षेत्रों पर रूस का अस्थायी कब्जा और कथित विलय, Georgia के Abkhazia तथा Tskhinvali/South Ossetia क्षेत्रों पर कब्जा और Moldova के Transnistria क्षेत्र में रूस की गतिविधियां अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करती हैं.
कब्जे वाले यूक्रेनी क्षेत्रों में चुनाव पर आपत्ति
Latvia ने Crimea और Sevastopol के साथ-साथ Donetsk, Luhansk, Zaporizhzhia और Kherson क्षेत्रों में रूस द्वारा कराए गए State Duma चुनावों की निंदा की है. इन क्षेत्रों पर Russia अपना दावा करता है, जबकि Ukraine और अधिकांश अंतरराष्ट्रीय समुदाय इन्हें Ukraine का हिस्सा मानते हैं. Latvia ने कहा कि वह इन क्षेत्रों में कराए गए तथाकथित चुनावों को मान्यता नहीं देता. साथ ही उसने Ukraine की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के समर्थन को दोहराया है.
Transnistria में भी रूसी चुनाव पर आपत्ति
Latvia ने Moldova के अलगाववादी क्षेत्र Transnistria में रूस द्वारा State Duma चुनाव कराए जाने का भी विरोध किया है. इस मुद्दे पर Moldova और Russia के बीच भी कूटनीतिक विवाद सामने आया है. Latvia ने Georgia के Abkhazia और Tskhinvali/South Ossetia क्षेत्रों में रूस द्वारा State Duma चुनाव कराए जाने को भी मान्यता नहीं दी है. Latvia ने इन क्षेत्रों को Georgia का हिस्सा बताते हुए उसकी संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के समर्थन को दोहराया है.
इसी संदर्भ में Latvia ने 18 सितंबर को Tskhinvali/South Ossetia क्षेत्र में हुए तथाकथित राष्ट्रपति चुनावों की भी अलग से निंदा की थी. Latvia ने कहा था कि कब्जे वाले क्षेत्र में ऐसे चुनाव अंतरराष्ट्रीय कानून के विपरीत हैं और Georgia की संप्रभुता तथा क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन करते हैं.
वहीं, Russia का इन क्षेत्रों को अपनी राजनीतिक व्यवस्था का हिस्सा मानने का रुख पहले से स्पष्ट है. 2026 के State Duma चुनावों में Donetsk, Luhansk, Kherson और Zaporizhzhia के रूस के कब्जे वाले हिस्सों के निवासियों को पहली बार रूसी संसदीय चुनाव में शामिल किया गया. इन क्षेत्रों में सुरक्षा कारणों से मतदान की अवधि भी रूस के बाकी हिस्सों की तुलना में लंबी रखी गई थी.