India-UK रक्षा सहयोग को मिलेगी नई रफ्तार, 25वीं DCG बैठक में R&D और हिंद-प्रशांत पर जोर
India और UK ने अपने लंबे समय से चले आ रहे रक्षा सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है. नई दिल्ली में 21 अगस्त 2026 को 25वीं भारत-ब्रिटेन रक्षा सलाहकार समूह (Defence Consultative Group-DCG) की बैठक आयोजित हुई. बैठक की सह-अध्यक्षता भारत के रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और ब्रिटेन के रक्षा विभाग के परमानेंट अंडर सेक्रेटरी (PUS) जेरेमी पोकलिंगटन ने की.
बैठक में दोनों देशों ने मौजूदा रक्षा औद्योगिक सहयोग की व्यापक समीक्षा की. बातचीत का प्रमुख फोकस अनुसंधान एवं विकास (R&D) को आगे बढ़ाने पर रहा. इसके लिए भारत-ब्रिटेन विजन 2035 और दस-वर्षीय रक्षा औद्योगिक रोडमैप को महत्वपूर्ण आधार के रूप में देखा जा रहा है. दोनों देश रक्षा क्षेत्र में औद्योगिक सहयोग को और गहरा करने तथा तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करने के लिए साथ मिलकर काम करने पर जोर दे रहे हैं.
संयुक्त सैन्य अभ्यास और प्रशिक्षण बढ़ाने पर सहमति
बैठक में भारत और ब्रिटेन की सेनाओं के बीच आपसी आदान-प्रदान को बढ़ाने पर भी सहमति बनी. दोनों पक्ष संयुक्त सैन्य अभ्यास, प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के माध्यम से सैन्य सहयोग को और व्यापक बनाने के पक्ष में हैं. इससे दोनों देशों की सेनाओं के बीच संचालनात्मक अनुभव और विशेषज्ञता साझा करने के अवसर बढ़ेंगे.

हिंद-प्रशांत में समुद्री सुरक्षा पर विशेष जोर
बैठक में हिंद-प्रशांत क्षेत्र की समुद्री सुरक्षा को भी प्रमुखता दी गई. दोनों देशों ने क्षेत्र में मजबूत समुद्री सुरक्षा सहयोग के महत्व को रेखांकित किया. इसके तहत हिंद-प्रशांत महासागर पहल (IPOI) के अंतर्गत क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा उत्कृष्टता केंद्र (Regional Maritime Security Centre of Excellence-RMSCE) की स्थापना को भी महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने रखा गया.
दोनों पक्षों ने क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया. भारत और ब्रिटेन ने आपसी सुरक्षा तथा रणनीतिक स्वायत्तता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई. साथ ही दोनों देशों ने कहा कि उनकी रणनीतिक साझेदारी शांति, स्थिरता, स्वतंत्रता और आपसी सम्मान जैसे साझा मूल्यों पर आधारित है.
जेरेमी पोकलिंगटन का भारत का पहला दौरा
ब्रिटेन के रक्षा विभाग के परमानेंट अंडर सेक्रेटरी के रूप में जेरेमी पोकलिंगटन का यह पहला भारत दौरा था. रक्षा सलाहकार समूह की बैठक से पहले उन्होंने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय समर स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित कर देश की सेवा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीरों को श्रद्धांजलि दी.
अपने दौरे के दौरान पोकलिंगटन ने गांधी स्मृति संग्रहालय और राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय (NDC) का भी दौरा किया. राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय में उनके नेतृत्व में आए ब्रिटिश प्रतिनिधिमंडल की वरिष्ठ नेतृत्व स्तर पर संवाद और अनुभव साझा करने को लेकर बातचीत हुई.
उन्होंने भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एन.एस. राजा सुब्रमणि के साथ भी द्विपक्षीय बातचीत की. इस दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा और सुरक्षा सहयोग से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई.
25वीं भारत-ब्रिटेन रक्षा सलाहकार समूह बैठक ऐसे समय में हुई है जब दोनों देश अपने रक्षा संबंधों को पारंपरिक सैन्य सहयोग से आगे बढ़ाकर अनुसंधान एवं विकास, रक्षा उद्योग, सैन्य प्रशिक्षण और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा जैसे व्यापक क्षेत्रों में मजबूत करने पर काम कर रहे हैं. पोकलिंगटन की पहली भारत यात्रा और उच्चस्तरीय बैठकों ने दोनों देशों के बीच नियमित रणनीतिक संवाद की निरंतरता को भी रेखांकित किया है.