बांस से बना दुनिया का पहला फिक्स्ड-विंग ड्रोन! China का दावा – लागत 75% तक कम
ड्रोन तकनीक में एक अनोखा प्रयोग करते हुए China के वैज्ञानिकों ने बांस फाइबर से बना दुनिया का पहला फिक्स्ड-विंग ड्रोन विकसित किया है. इस नई तकनीक का उद्देश्य ड्रोन निर्माण की लागत को कम करना और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प तैयार करना है.
इस प्रोजेक्ट पर काम करने वाली टीम में International Centre for Bamboo and Rattan, Beihang University के Ningbo Institute of Technology और Long Bamboo Technology Group शामिल हैं. वैज्ञानिकों ने बांस फाइबर को एक विशेष कंपोजिट सामग्री में बदलकर ड्रोन के पंख और ढांचे में इस्तेमाल किया है.
विशेषज्ञों के अनुसार बांस आधारित यह कंपोजिट पारंपरिक कार्बन फाइबर के मुकाबले काफी सस्ता है. बांस फाइबर की कीमत कार्बन फाइबर कपड़े की तुलना में लगभग एक-चौथाई बताई जा रही है. यही कारण है कि ड्रोन निर्माण की कुल लागत में लगभग 20 प्रतिशत तक की कमी लाई जा सकती है, जबकि कुछ हिस्सों में लागत में 75 प्रतिशत तक बचत संभव है.
100 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से उड़ने में सक्षम

तकनीकी रूप से भी यह ड्रोन काफी प्रभावी बताया जा रहा है. इस फिक्स्ड-विंग ड्रोन का विंगस्पैन लगभग 2.5 मीटर से अधिक है और इसका कुल वजन करीब 7 किलोग्राम है. परीक्षण के दौरान यह ड्रोन 100 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से उड़ने में सक्षम पाया गया और एक बार में एक घंटे से ज्यादा समय तक हवा में रह सकता है.
वैज्ञानिकों का कहना है कि ड्रोन उद्योग में आमतौर पर कार्बन फाइबर और अन्य महंगे कंपोजिट का इस्तेमाल किया जाता है, जिनकी लागत अधिक होती है और उत्पादन प्रक्रिया में ज्यादा ऊर्जा लगती है. इसके मुकाबले बांस एक प्राकृतिक, सस्ता और तेजी से उपलब्ध होने वाला संसाधन है, जो पर्यावरण के लिहाज से भी बेहतर विकल्प माना जा रहा है.
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह तकनीक बड़े पैमाने पर सफल होती है तो भविष्य में इसी प्रकार के बांस आधारित कंपोजिट का इस्तेमाल ड्रोन के अलावा नई ऊर्जा वाहनों, समुद्री उपकरणों और यहां तक कि एयरोस्पेस क्षेत्र में भी किया जा सकता है.
इस तरह बांस जैसे पारंपरिक प्राकृतिक संसाधन को आधुनिक तकनीक के साथ जोड़कर चीन ने ड्रोन निर्माण के क्षेत्र में एक नया प्रयोग पेश किया है, जो आने वाले समय में कम लागत वाली एयरोस्पेस तकनीक के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है.