U.S. Army की नई तैयारी: 1000 किमी रेंज वाली Anti-Ship PrSM मिसाइल पर तेज़ी

1000 किमी रेंज वाली Anti-Ship PrSM पर तेज़ी से आगे बढ़ी U.S. Army

U.S. Army अब PrSM (Precision Strike Missile) के एक Extended-Range वेरिएंट को तेज़ी से विकसित करने की योजना पर काम कर रही है. इस नए संस्करण की मारक क्षमता 1,000 किलोमीटर से भी अधिक होगी, जो इसे अमेरिकी सेना की अब तक की सबसे लंबी दूरी तक मार करने वाली भूमि-आधारित मिसाइलों में शामिल कर देगी.

इससे सेना को दुश्मन के ठिकानों पर काफी दूर से सटीक हमला करने की क्षमता मिलेगी, बिना अग्रिम मोर्चे पर पहुंचे. यह मिसाइल न केवल भूमि लक्ष्यों के लिए, बल्कि समुद्री युद्धपोतों और चलते-फिरते समुद्री टारगेट्स पर भी प्रभावी हमला कर सकेगी.

PrSM क्या है?

PrSM की शुरुआत Lockheed Martin द्वारा विकसित एक लंबी दूरी की प्रिसिजन स्ट्राइक मिसाइल के रूप में हुई थी, जो पुरानी ATACMS मिसाइल को बदलने के लिए डिजाइन की गई है. इसका शुरुआती वेरिएंट (Increment 1) लगभग 300-500 किमी तक मार कर सकता है और HIMARS तथा MLRS जैसे मोबाइल लॉन्चरों से दागा जाता है.

अब सेना ने Increment 4 प्रोग्राम के तहत PrSM को और आगे बढ़ाते हुए उसे समुद्री लक्ष्यों को 1,000 किमी से ऊपर की दूरी से भी निशाना बनाने योग्य बनाने की घोषणा की है. इसके लिए Industry Day और Rapid Prototyping कार्यक्रम भी आयोजित किया जा रहा है, जिसमें मिसाइल की प्रोटोटाइप डिजाइन और क्षमता परीक्षण पर काम होगा.

क्या बदल रहा है?

सबसे बड़ा बदलाव इसकी रेंज में देखा जा रहा है, जिसे अब 1,000 किलोमीटर से अधिक तक बढ़ाने की तैयारी है. इससे अमेरिकी सेना को दुश्मन के ठिकानों पर बेहद दूर से सटीक हमला करने की क्षमता मिलेगी.

इसके साथ ही, नई PrSM को चलते-फिरते समुद्री जहाज़ों और भूमि पर मौजूद मोबाइल टारगेट्स को निशाना बनाने के लिए डिज़ाइन किया जा रहा है. यानी अब यह मिसाइल सिर्फ स्थिर ठिकानों तक सीमित नहीं रहेगी.

लॉन्चिंग के मोर्चे पर भी लचीलापन बढ़ाया जा रहा है. इस मिसाइल को HIMARS और MLRS जैसे मोबाइल प्लेटफॉर्म्स से दागा जाएगा, जिससे इसे तेजी से तैनात करना और स्थान बदलना आसान होगा.

सबसे अहम तकनीकी बदलाव नेविगेशन से जुड़ा है. रिपोर्ट्स के अनुसार, PrSM में GPS-फ्री या GPS-स्वतंत्र नेविगेशन क्षमता पर भी काम किया जा रहा है, ताकि इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और GPS जैमिंग जैसे हालात में भी यह मिसाइल अपने लक्ष्य तक सटीक पहुंच सके.

रणनीतिक प्रभाव (Strategic Implication)

यह नई क्षमता अमेरिकी सेना को भूमि-आधारित सिस्टम से समुद्री युद्धक लक्ष्य पर हमला करने की सशक्त शक्ति प्रदान करेगी, जो आज के बदलते युद्धक्षेत्र (Especially Indo-Pacific और European waters) में निर्णायक भूमिका निभा सकती है. ऐसे हथियार दूर समुद्र में संचालित युद्धपोतों, एडवांस A2/AD (Anti-ccess/Area Denial) नेटवर्क्स और तेजी से बदलते समुद्री सुरक्षा माहौल में प्रतिद्वंदी क्षमताओं को चुनौती दे सकते हैं.

तकनीकी चुनौतियाँ और संभावनाएँ

Extended-Range PrSM प्रोजेक्ट में High-mobility launch capability, Advanced seekers (multi-mode guidance), GPS-independent targeting जैसी तकनीकों को शामिल करने का लक्ष्य है ताकि यह मिसाइल बिजली-सी तेज़ गति से न केवल संवेदनशील लेकिन कठिन-टारगेट्स को भी भेद सके. यह कदम विशेष रूप से समुद्री रणनीति और वैश्विक सामरिक संतुलन पर दीर्घकालिक प्रभाव डाल सकता है.

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