INDIA ने अपनी पहली नेवल एंटी शिप मिसाइल (NASM-SR) का सफल परीक्षण किया

भारत ने अपनी पहली नेवल एंटी शिप मिसाइल (NASM-SR) का सफल परीक्षण किया है, जिसे रक्षा अनुसंधान संगठन (डीआरडीओ) और नौसेना ने मिलकर ओडिशा के चांदीपुर से लॉन्च किया है.

डीआरडीओ ने सोशल मीडिया पर वीडियो किया शेयर

DRDO ने सोशल मीडिया पर इसका एक वीडियो साझा करते हुए लिखा, परीक्षणों से मिसाइल की मैन-इन-लूप फीचर्स में महारत हासिल की गई है. इसकी अधिकतम सीमा पर समुद्र-स्किमिंग मोड में एक छोटे जहाज के लक्ष्य पर सीधा प्रहार किया गया. परीक्षण के दौरान मिसाइल ने एक छोटे जहाज को सीधे निशाना बनाते हुए उसके खिलाफ जबर्दस्त प्रभावी हमला किया, जो कि मिसाइल की सटीकता और शक्तिशाली रेंज का प्रमाण है. यह मिसाइल टर्मिनल मार्गदर्शन के लिए स्वदेशी इमेजिंग इंफ्रा-रेड सीकर तकनीक का इस्तेमाल करती है.

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मिसाइल ने सही तरीके से टारगेट को किया नष्ट

मिसाइल को लॉन्च मोड के बाद बियरिंग-ओनली लॉक-ऑन में प्रक्षेपित किया गया था, जिसमें से एक को चुनने के लिए कई लक्ष्य उसके पास में थे. मिसाइल ने शुरू में खोज के एक निर्दिष्ट क्षेत्र के भीतर एक बड़े लक्ष्य पर लॉक किया और टर्मिनल चरण के दौरान, पायलट ने एक छोटे छिपे हुए लक्ष्य का चयन किया, जिसके परिणामस्वरूप इसे सटीक रूप से नष्ट किया गया. यह एक मध्यम दूरी तक मार करने की क्षमता वाली मिसाइल है.

मिसाइल की यह है खास बात

यह मिसाइल अपने मार्गदर्शन के लिए स्वदेशी फाइबर ऑप्टिक जाइरोस्कोप-आधारित आईएनएस और रेडियो अल्टीमीटर, एक एकीकृत एवियोनिक्स मॉड्यूल, एयरोडायनामिक तथा जेट वेन नियंत्रण हेतु इलेक्ट्रो-मैकेनिकल एक्चुएटर्स, थर्मल बैटरी और पीसीबी वारहेड का उपयोग करती है. इसमें इन-लाइन इजेक्टेबल बूस्टर और लॉन्ग-बर्न सस्टेनर के साथ सॉलिड प्रोपल्शन का इस्तेमाल किया गया है. परीक्षणों ने मिशन के सभी निर्धारित उद्देश्यों को पूरा कर लिया है.

इस मिसाइल को डीआरडीओ की विभिन्न प्रयोगशालाओं द्वारा विकसित किया गया है, जिनमें रिसर्च सेंटर इमारत, रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला, उच्च ऊर्जा सामग्री अनुसंधान प्रयोगशाला और टर्मिनल बैलिस्टिक्स अनुसंधान प्रयोगशाला शामिल हैं. वर्तमान में मिसाइलों का उत्पादन एमएसएमई, स्टार्ट-अप्स एवं अन्य उत्पादन साझेदारों की मदद से विकास सह उत्पादन सहभागिता वाले संगठन द्वारा किया जा रहा है.

 

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने दी बधाई

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सफल परीक्षणों के लिए डीआरडीओ, भारतीय नौसेना और रक्षा उद्योग जगत के सदस्यों को बधाई दी है. उन्होंने कहा कि मैन-इन-लूप सुविधाओं के लिए किए गए परीक्षण अद्वितीय हैं क्योंकि यह उड़ान के दौरान पुनः लक्ष्यीकरण की क्षमता उजागर करते हैं.

रक्षा मंत्रालय ने कहा, नौसेना के लिए यह परीक्षण महत्वपूर्ण मील का पत्थर है, क्योंकि इस मिसाइल की क्षमता ने यह साबित किया है कि यह किसी भी दुश्मन की जहाजी ताकत को प्रभावी तरीके से नष्ट करने में सक्षम है.

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