DRDO ने विकसित किया 350 किलोग्राम थ्रस्ट वाला पहला स्वदेशी एक्सपेंडेबल टर्बोजेट इंजन, भारत की रक्षा तकनीक को मिली बड़ी ताकत

DRDO ने विकसित किया 350kg थ्रस्ट वाला पहला स्वदेशी Expendable Turbojet Engine

भारत ने स्वदेशी जेट इंजन तकनीक के क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है. रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की गैस टर्बाइन रिसर्च एस्टेब्लिशमेंट (GTRE) द्वारा डिजाइन किए गए 350 किलोग्राम थ्रस्ट क्लास के पहले स्वदेशी एक्सपेंडेबल टर्बोजेट इंजन का सफलतापूर्वक विकास कर लिया गया है. यह इंजन 22 जुलाई 2026 को…

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भारतीय वैज्ञानिकों ने बनाया अल्ट्रा-लो पावर स्मार्ट गैस सेंसर – हाइड्रोजन रिसाव और NO₂ का करेगा तुरंत पता

भारतीय वैज्ञानिकों ने बनाया Ultra-Low Power Gas Sensor – Hydrogen रिसाव और जहरीली गैस का तुरंत पता लगाएगा

कल्पना कीजिए… आप एक हाइड्रोजन फ्यूल स्टेशन पर हैं — चारों तरफ़ भविष्य की ग्रीन एनर्जी की हलचल है — और अचानक, हवा में अदृश्य, लेकिन बेहद ख़तरनाक हाइड्रोजन गैस का एक छोटा रिसाव हो जाता है. आंखों से न दिखने वाला यह रिसाव, कुछ सेकंड में ही विस्फोट का कारण बन सकता है. लेकिन…

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