ICGS राजदूत की तैनाती से अंडमान-निकोबार में भारत की समुद्री सुरक्षा हुई मजबूत

ICGS ‘Rajdoot’ की एंट्री से अंडमान-निकोबार में भारत की समुद्री ताकत हुई और मजबूत

भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) ने 1 अप्रैल 2026 को स्वदेशी फास्ट पेट्रोल वेसल ICGS ‘Rajdoot’ को अंडमान और निकोबार कमांड (ANC) के तहत श्रीविजयपुरम (Sri Vijaya Puram) में शामिल किया. यह कदम भारत की समुद्री सुरक्षा रणनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है. ‘राजदूत’ एक तेज़, आधुनिक और मल्टी-रोल फास्ट…

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स्वीडन ने BAE Systems को $180 मिलियन का कॉन्ट्रैक्ट दिया, TRIDON Mk2 एयर डिफेंस सिस्टम की होगी सप्लाई

स्वीडन-BAE डील फाइनल, $180 मिलियन में TRIDON Mk2 एयर डिफेंस सिस्टम की खरीद

यूरोप में बढ़ते हवाई खतरों के बीच स्वीडन ने अपनी एयर डिफेंस क्षमता को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है. ब्रिटेन की रक्षा कंपनी BAE Systems को लगभग 180 मिलियन डॉलर (करीब ₹1500 करोड़) का कॉन्ट्रैक्ट दिया गया है, जिसके तहत TRIDON Mk2 एयर डिफेंस सिस्टम की सप्लाई की जाएगी. TRIDON Mk2 एक…

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अमेरिका में बड़ा सैन्य झटका! आर्मी चीफ को अचानक हटाया गया

America में सैन्य भूचाल! आर्मी चीफ को अचानक हटाया गया, Pentagon में बड़ा ‘क्लीनअप’ शुरू

America से एक बेहद बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. अमेरिकी सेना के चीफ ऑफ स्टाफ Randy George को अचानक उनके पद से हटा दिया गया है. यह फैसला सीधे अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने लिया. जनरल रैंडी जॉर्ज को पद छोड़ने…

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भारत का रक्षा निर्यात 38,424 करोड़ पर पहुंचा, 62% की रिकॉर्ड बढ़त के साथ बना नया इतिहास भारत ने वित्त वर्ष 2025-26 में रक्षा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए अपने रक्षा निर्यात को 38,424 करोड़ रुपए के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचा दिया है. यह अब तक का सबसे ऊंचा आंकड़ा है, जो पिछले वित्त वर्ष 2024-25 के 23,622 करोड़ रुपए के मुकाबले 14,802 करोड़ रुपए यानी 62.66 प्रतिशत की जबरदस्त वृद्धि को दर्शाता है. यह बढ़ोतरी न केवल भारत की रक्षा उत्पादन क्षमता में तेजी से हो रहे विस्तार को दिखाती है, बल्कि वैश्विक स्तर पर ‘मेड इन इंडिया’ रक्षा उपकरणों की बढ़ती स्वीकार्यता का भी बड़ा संकेत है. इस उपलब्धि में रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (DPSU) और निजी क्षेत्र दोनों का अहम योगदान रहा है. कुल निर्यात में DPSU का हिस्सा 21,071 करोड़ रुपए (54.84 प्रतिशत) रहा, जबकि निजी क्षेत्र ने 17,353 करोड़ रुपए (45.16 प्रतिशत) का योगदान दिया. खास बात यह है कि DPSU के निर्यात में पिछले वर्ष के मुकाबले 151 प्रतिशत की जबरदस्त वृद्धि दर्ज की गई, वहीं निजी क्षेत्र ने भी 14 प्रतिशत की वृद्धि के साथ अपनी मजबूत मौजूदगी कायम रखी. पिछले वित्त वर्ष में यह आंकड़े क्रमशः 8,389 करोड़ रुपए (DPSU) और 15,233 करोड़ रुपए (निजी क्षेत्र) थे, जिससे साफ है कि इस साल सार्वजनिक क्षेत्र ने तेजी से उछाल लिया है. भारत का रक्षा निर्यात अब 80 से अधिक देशों तक पहुंच चुका है, जो यह दर्शाता है कि भारतीय रक्षा उद्योग अब वैश्विक सप्लाई चेन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बनता जा रहा है. इसके साथ ही निर्यातकों की संख्या भी बढ़कर 128 से 145 हो गई है, जो 13.3 प्रतिशत की वृद्धि है. यह बढ़ती भागीदारी इस बात का प्रमाण है कि भारत में रक्षा निर्माण का इकोसिस्टम तेजी से विकसित हो रहा है और अधिक कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी जगह बना रही हैं. पिछले पांच वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो भारत का रक्षा निर्यात लगभग तीन गुना बढ़ चुका है, जो देश के आत्मनिर्भरता अभियान और रक्षा क्षेत्र में किए गए सुधारों की सफलता को दर्शाता है. सरकार द्वारा व्यापार सुगमता बढ़ाने, निर्यात प्रक्रियाओं को आसान बनाने और उद्योग को प्रोत्साहन देने के लिए लगातार कदम उठाए गए हैं. रक्षा उत्पादन विभाग ने एक नया ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च किया है और निर्यात से जुड़ी प्रक्रियाओं को सरल बनाने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) को भी सुव्यवस्थित किया है, जिससे कंपनियों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रवेश करने में आसानी हो रही है. रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने इस उपलब्धि पर रक्षा उत्पादन विभाग, निर्यातकों और सभी हितधारकों की सराहना करते हुए कहा कि भारत तेजी से रक्षा उपकरणों का वैश्विक विनिर्माण केंद्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के प्रेरणादायक नेतृत्व में भारत रक्षा निर्यात के क्षेत्र में एक प्रभावशाली सफलता की कहानी लिख रहा है. कुल मिलाकर, यह रिकॉर्ड निर्यात आंकड़ा इस बात का स्पष्ट संकेत है कि भारत अब केवल अपनी रक्षा जरूरतों को पूरा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि वैश्विक बाजार में एक मजबूत और भरोसेमंद रक्षा आपूर्तिकर्ता के रूप में तेजी से उभर रहा है. आने वाले वर्षों में यदि यही रफ्तार बनी रहती है, तो भारत दुनिया के शीर्ष रक्षा निर्यातकों में शामिल हो सकता है.

India का रक्षा निर्यात 38,424 करोड़ पर पहुंचा, 62% की रिकॉर्ड बढ़त के साथ बना नया इतिहास

India ने वित्त वर्ष 2025-26 में रक्षा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए अपने रक्षा निर्यात को 38,424 करोड़ रुपए के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचा दिया है. यह अब तक का सबसे ऊंचा आंकड़ा है, जो पिछले वित्त वर्ष 2024-25 के 23,622 करोड़ रुपए के मुकाबले 14,802 करोड़ रुपए यानी 62.66 प्रतिशत की…

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भारतीय नौसेना का नया दम! ‘शाची’ NGOPV जहाज लॉन्च, समुद्री सुरक्षा को मिलेगा बड़ा बूस्ट

भारतीय नौसेना को मिला बड़ा बूस्ट! ‘SHACHI’ NGOPV जहाज हुआ लॉन्च, समुद्री सुरक्षा होगी और मजबूत

गोवा में भारत की समुद्री ताकत को बढ़ाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है. भारतीय नौसेना के लिए 11 नेक्स्ट जेनरेशन ऑफशोर पेट्रोल वेसल (NGOPV) प्रोजेक्ट के तहत पहला जहाज ‘SHACHI’ (Yard 1280) 31 मार्च 2026 को लॉन्च कर दिया गया. इस कार्यक्रम का आयोजन Goa Shipyard Limited (GSL), गोवा में…

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भारतीय वायु सेना को मिलेगा स्वदेशी ‘माउंटेन रडार’ — ₹1,950 करोड़ की बड़ी डील

₹1,950 करोड़ की डील: भारतीय वायु सेना को मिलेंगे स्वदेशी माउंटेन रडार, DRDO-BEL की बड़ी उपलब्धि

रक्षा मंत्रालय ने Bharat Electronics Limited (BEL) के साथ भारतीय वायु सेना के लिए अत्याधुनिक माउंटेन रडार की खरीद का लगभग ₹1,950 करोड़ का अनुबंध किया है. यह सौदा Buy (Indian-IDDM) श्रेणी के तहत किया गया है, जो स्वदेशी डिजाइन, विकास और निर्माण को प्राथमिकता देता है. इस प्रोजेक्ट के तहत भारतीय वायु सेना को…

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भारतीय नौसेना को मिला बड़ा सर्वे जहाज ‘संशोधक’, समुद्री ताकत में जबरदस्त इजाफा

Indian Navy को मिला बड़ा सर्वे जहाज ‘INS Sanshodhak’, समुद्री ताकत में जबरदस्त इजाफा

Indian Navy को स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित सर्वे जहाज ‘Sanshodhak’ (Survey Vessel Large) सौंप दिया गया है, जिससे समुद्री सर्वेक्षण और नेविगेशन क्षमता में बड़ा सुधार होगा. यह जहाज भारत सरकार की ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल के तहत तैयार किया गया है और इसे भारतीय शिपयार्ड द्वारा आधुनिक तकनीक के साथ विकसित किया गया…

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भारतीय नौसेना को मिला स्वदेशी ASW वॉरशिप ‘एग्रे’, दुश्मन पनडुब्बियों का होगा सफाया!

भारतीय नौसेना को मिला स्वदेशी ASW वॉरशिप ‘AGRAY’, दुश्मन पनडुब्बियों का होगा सफाया!

कोलकाता के गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) द्वारा स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित आठ पनडुब्बी रोधी युद्धपोतों (एएसडब्ल्यू एसडब्ल्यूसी) में से चौथा, ‘AGRAY’, 30 मार्च 2026 को कोलकाता में भारतीय नौसेना को सौंप दिया गया. कोलकाता के जीआरएसई द्वारा भारतीय जहाजरानी रजिस्टर (आईआरएस) के वर्गीकरण नियमों के अनुसार इन एएसडब्ल्यू एसडब्ल्यूसी का डिजाइन…

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दक्षिण कोरिया ने KF-21 Boramae का पहला प्रोडक्शन फाइटर जेट रोलआउट किया

दक्षिण कोरिया ने KF-21 Boramae का पहला प्रोडक्शन फाइटर जेट रोलआउट किया

दक्षिण कोरिया ने अपने एडवांस्ड फाइटर जेट प्रोग्राम KF-21 Boramae में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए पहला सीरियल प्रोडक्शन विमान रोलआउट कर दिया है. यह रोलआउट देश की घरेलू रक्षा क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है. इस प्रोजेक्ट को Republic of Korea Air Force (ROKAF) के लिए…

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समुद्र के नीचे चीन का ‘सीक्रेट हथियार’! मंता रे रोबोट अब ढूंढेगा छिपे विस्फोटक

CHINA ने विकसित किया ‘Manta Ray’ अंडरवॉटर रोबोट, समुद्र में छिपे विस्फोटकों की पहचान में सक्षम

CHINA ने समुद्री सुरक्षा और अंडरवॉटर युद्ध क्षमता को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए बायोनिक डिजाइन पर आधारित एक अत्याधुनिक “मंता रे” सबमर्सिबल रोबोट विकसित किया है. यह रोबोट गहरे समुद्र में कम दृश्यता की स्थिति में भी छिपे हुए विस्फोटकों और खतरनाक वस्तुओं की पहचान करने में सक्षम है. सरकारी…

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