Japan-US ने RIMPAC 2026 में किया संयुक्त एंटी-शिप युद्धाभ्यास, JGSDF ने दागी Anti-Ship Missile
Japan और US ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपनी संयुक्त सैन्य क्षमताओं और इंटरऑपरेबिलिटी को मजबूत करने के लिए RIMPAC 2026 के दौरान द्विपक्षीय एंटी-शिप वारफेयर प्रशिक्षण किया. इस अभ्यास में जापान ग्राउंड सेल्फ-डिफेंस फोर्स (JGSDF) और अमेरिकी सेना ने संयुक्त रूप से एंटी-शिप फायरिंग का अभ्यास किया.
यह प्रशिक्षण 23 जून से 20 जुलाई 2026 तक अमेरिका के हवाई द्वीपसमूह में स्थित काउई द्वीप के पैसिफिक मिसाइल रेंज फैसिलिटी (PMRF) में आयोजित किया गया. RIMPAC दुनिया के सबसे बड़े बहुराष्ट्रीय समुद्री सैन्य अभ्यासों में से एक है, जिसमें कई देशों की नौसेनाएं, वायुसेनाएं और थल सेनाएं हिस्सा लेती हैं.
RIMPAC 2026 का उद्देश्य वास्तविक युद्ध जैसी परिस्थितियों में तैयारी करना था
इस द्विपक्षीय प्रशिक्षण के दौरान JGSDF ने अमेरिकी सेना के साथ मिलकर संयुक्त एंटी-शिप फायरिंग ऑपरेशन का अभ्यास किया. इसका उद्देश्य वास्तविक युद्ध जैसी परिस्थितियों में दोनों देशों की सेनाओं के बीच समन्वय और संयुक्त अभियानों की क्षमता को बेहतर बनाना था.
जापान के लिए यह प्रशिक्षण विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि वह अपनी स्टैंड-ऑफ डिफेंस क्षमताओं को लगातार मजबूत कर रहा है. लंबी दूरी की एंटी-शिप प्रणालियां जापान की द्वीप रक्षा रणनीति का अहम हिस्सा बन रही हैं. इनके जरिए जापान संभावित विरोधी के नौसैनिक और अन्य समुद्री लक्ष्यों को अपनी सेना की पहुंच से काफी दूर रहते हुए निशाना बनाने की क्षमता विकसित कर रहा है.
RIMPAC 2026 के दौरान अमेरिकी सेना के साथ इस तरह का संयुक्त फायरिंग प्रशिक्षण JGSDF को न केवल अपनी ऑपरेशनल क्षमताओं को परखने का अवसर देता है, बल्कि अमेरिकी सेना के साथ इंटरऑपरेबिलिटी यानी संयुक्त रूप से प्रभावी ढंग से अभियान चलाने की क्षमता को भी बेहतर करता है.

जापान और अमेरिका के बीच सैन्य सहयोग हिंद-प्रशांत क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहा है. दोनों देश संयुक्त अभ्यासों के जरिए समुद्री सुरक्षा, द्वीप रक्षा और संभावित एंटी-शिप अभियानों के लिए अपनी तैयारियों को मजबूत कर रहे हैं. RIMPAC 2026 में किया गया यह प्रशिक्षण इसी व्यापक रक्षा सहयोग का हिस्सा है.