United States ने JLWS लेजर हथियार को मंजूरी दी, 500kW सिस्टम करेगा ड्रोन-क्रूज मिसाइलों का मुकाबला

United States ने 847 मिलियन डॉलर के लेजर हथियार कार्यक्रम को दी मंजूरी, 500kW Directed Energy System से ड्रोन और क्रूज मिसाइलों का होगा शिकार

United States के Department of War ने देश की अगली पीढ़ी की वायु रक्षा क्षमता को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. विभाग ने Joint Laser Weapon System (JLWS) कार्यक्रम के तहत दो Other Transaction Authority (OTA) समझौतों को मंजूरी दी है. इनका उद्देश्य ऐसी हाई-एनर्जी लेजर हथियार प्रणाली विकसित करना है, जो क्रूज मिसाइलों और मानवरहित हवाई प्रणालियों (UAS/ड्रोन) जैसे आधुनिक खतरों का प्रभावी ढंग से मुकाबला कर सके.

इन समझौतों पर nLIGHT Defense और Lockheed Martin Aculight के साथ हस्ताक्षर किए गए हैं. कार्यक्रम का संचालन Scaled Directed Energy (SCADE) Critical Technology Area (CTA) द्वारा किया जाएगा. शुरुआती चरण में इन समझौतों का मूल्य 86 मिलियन डॉलर है, जबकि पूरे कार्यक्रम की अधिकतम सीमा 847 मिलियन डॉलर निर्धारित की गई है.

United States ने 847 मिलियन डॉलर के लेजर हथियार कार्यक्रम को दी मंजूरी, 500kW Directed Energy System से ड्रोन और क्रूज मिसाइलों का होगा शिकार

JLWS कार्यक्रम का नेतृत्व Office of the Under Secretary of War for Research and Engineering (OUSW(R&E)) कर रहा है. इसका उद्देश्य निर्देशित ऊर्जा (Directed Energy) तकनीक को केवल परीक्षण और प्रदर्शन स्तर से आगे बढ़ाकर ऐसी प्रणाली में बदलना है, जिसे बड़े पैमाने पर उत्पादन कर वास्तविक युद्धक्षेत्र में तैनात किया जा सके.

इसके तहत कंटेनर आधारित हाई-एनर्जी लेजर हथियार विकसित किए जाएंगे, जिन्हें आवश्यकता के अनुसार अलग-अलग सैन्य प्लेटफॉर्म पर आसानी से लगाया जा सकेगा. विभाग का मानना है कि ये सिस्टम सैन्य कमांडरों को कम लागत वाले और स्केलेबल इंटरसेप्ट समाधान उपलब्ध कराएंगे, जो असममित युद्ध और बड़े पैमाने पर होने वाले हवाई हमलों का प्रभावी जवाब दे सकेंगे.

United States ने 847 मिलियन डॉलर के लेजर हथियार कार्यक्रम को दी मंजूरी, 500kW Directed Energy System से ड्रोन और क्रूज मिसाइलों का होगा शिकार

नई लेजर हथियार प्रणाली पारंपरिक मिसाइल आधारित वायु रक्षा प्रणालियों की तुलना में कई अहम फायदे प्रदान करेगी. इनमें प्रकाश की गति (Speed-of-Light) से लक्ष्य पर हमला करने की क्षमता, लगातार बड़ी संख्या में लक्ष्य भेदने की क्षमता (Deep Magazine) और प्रत्येक इंटरसेप्शन की बेहद कम लागत शामिल है.

अमेरिकी रक्षा विभाग के अनुसार, ये विशेषताएं विशेष रूप से ड्रोन स्वार्म (Drone Swarms) और उन्नत क्रूज मिसाइलों जैसे तेजी से बढ़ते खतरों से निपटने के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं.

कार्यक्रम के पहले चरण में लगभग 150 किलोवाट (kW) क्षमता वाले लेजर प्रोटोटाइप विकसित किए जाएंगे, ताकि तत्काल परिचालन आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके. इसके बाद इनकी क्षमता बढ़ाकर 300 से 500 किलोवाट तक की जाएगी, जिससे भविष्य में अधिक शक्तिशाली क्रूज मिसाइल रक्षा संभव हो सकेगी.

साथ ही, High Energy Laser Scaling Initiative (HELSI) के तहत विकसित लेजर स्रोत का उपयोग करते हुए समानांतर रूप से 500kW क्षमता वाली एकीकृत लेजर प्रणाली भी तैयार की जाएगी.

United States ने 847 मिलियन डॉलर के लेजर हथियार कार्यक्रम को दी मंजूरी, 500kW Directed Energy System से ड्रोन और क्रूज मिसाइलों का होगा शिकार

इन सभी प्रणालियों को कंटेनर आधारित मॉड्यूलर डिजाइन में विकसित किया जाएगा. इससे इन्हें जमीनी और नौसैनिक दोनों प्लेटफॉर्म पर आसानी से एकीकृत किया जा सकेगा तथा दुनिया के विभिन्न सैन्य क्षेत्रों में तेजी से तैनात करना संभव होगा.

उद्योग के साथ मिलकर तेज होगी तकनीक की तैनाती

अनुसंधान एवं इंजीनियरिंग के लिए अंडर सेक्रेटरी ऑफ वॉर एमिल माइकल (Emil Michael) ने कहा कि अमेरिका को उभरते खतरों के खिलाफ सक्रिय रक्षा व्यवस्था तैयार करनी होगी. उन्होंने कहा कि उद्योग जगत के सहयोग से ऐसी निर्देशित ऊर्जा हथियार प्रणालियां विकसित की जा रही हैं, जिनमें अत्यधिक फायरिंग क्षमता हो और जिन्हें विभिन्न सैन्य प्लेटफॉर्म पर तेजी से तैनात किया जा सके.

विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि Other Transaction Authority (OTA) व्यवस्था अपनाने का उद्देश्य पारंपरिक और लंबी रक्षा खरीद प्रक्रिया से बचते हुए नई तकनीकों का तेजी से विकास करना है. इससे प्रोटोटाइप तैयार करने, उद्योग के साथ सहयोग बढ़ाने और कम समय में नई हथियार प्रणालियों को सैन्य सेवा में शामिल करने में मदद मिलेगी.

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