DAC ने 3.60 लाख करोड़ रुपये के रक्षा अधिग्रहण प्रस्तावों को मंज़ूरी दी ,राफेल विमान भी खरीदेगा भारत
रक्षा मंत्रालय के डिफेंस एक्विज़िशन काउंसिल (DAC) ने आज नई बड़ी मंज़ूरी दी है. रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में लगभग ₹3.60 लाख करोड़ के विभिन्न पूंजीगत अधिग्रहण प्रस्तावों को Acceptance of Necessity (AoN) यानी आवश्यकता की मंज़ूरी दी गई है.
इस महत्वपूर्ण निर्णय से भारतीय सेना, नौसेना, वायुसेना और तटरक्षक बल की युद्ध-तैयारी, क्षमता और आत्मनिर्भरता में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी.
अब जानते हैं DAC में किसको क्या मिला!
मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट (MRFA) जैसे के राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद को मंज़ूरी दी गई.
कॉम्बैट मिसाइलें और एयर-शिप आधारित हाई अल्टीट्यूड स्यूडो सैटेलाइट (AS-HAPS) भी शामिल हैं.
ये प्रणालियाँ वायुशक्ति की एयर डोमिनेंस, लंबी दूरी के आक्रामक हमलों तथा गहन निगरानी क्षमताओं को और सशक्त बनाएंगी.
भारतीय थल सेना (Indian Army)
एंटी-टैंक माइन (विभव) की खरीद को मंज़ूरी दी गई. बीएमपी-II पैदल सेना युद्ध वाहनों, T-72 टैंकों और आर्मर्ड रिकवरी व्हीकल्स (ARVs) के वाहनों का ओवरहाल/गीयर अपग्रेड भी अनुमोदित किया गया. इनसे सेना की गतिशीलता, मजबूती और युद्ध-क्षमता बढ़ेगी.
भारतीय नौसेना (Indian Navy)

4 MW मरीन गैस टर्बाइन आधारित इलेक्ट्रिक पावर जनरेटर को Make-I वर्ग में रखने को मंज़ूरी मिली, जिससे विदेशी निर्भरता कम होगी.
P-8I लॉन्ग रेंज मैरीटाइम रीकॉनिसेंस एयरक्राफ्ट की खरीद को भी हरी झंडी दी गई, जो नौसेना की दीर्घ दूरी समुद्री निगरानी और युद्ध क्षमता को और मजबूत करेगा.
भारतीय कोस्ट गार्ड (Indian Coast Guard)
डोरियर विमान के लिए Electro-Optical/Infra-Red (EO/IR) सिस्टम की खरीद को मंज़ूरी दी गई, जिससे कोस्ट गार्ड की समुद्री निगरानी और खोज-बचाव क्षमता बेहतर होगी.
यह निर्णय भारतीय रक्षा बलों की रणनीतिक क्षमता, आत्मनिर्भरता और आधुनिक युद्धक क्षमता को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है. आने वाले वर्षों में इन प्रस्तावों के कार्यान्वयन से रक्षा तैयारियों में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है.