रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin की भारत यात्रा “अत्यंत महत्वपूर्ण”: रूस ने कहा- द्विपक्षीय संबंधों में आएगा नया मोड़
रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin की आगामी भारत यात्रा को लेकर मॉस्को की ओर से बड़ा बयान सामने आया है. रूसी राष्ट्रपति के अंतर्राष्ट्रीय मामलों के सहायक यूरी उशाकोव ने कहा है कि यह यात्रा “अत्यंत महत्वपूर्ण” होगी और रूस-भारत संबंधों में नए अध्याय की शुरुआत करेगी.
उशाकोव के अनुसार, भारत और रूस दोनों देश इस यात्रा की तैयारियों में सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं और इसकी तारीख दिसंबर की शुरुआत के लिए तय की गई है. जल्द ही दोनों देशों की ओर से इसकी आधिकारिक घोषणा की जाएगी.
यात्रा को ‘राजकीय यात्रा’ का दर्जा दिया गया

यूरी उशाकोव ने बताया कि यह सिर्फ साधारण आधिकारिक मुलाकात नहीं होगी, बल्कि इसे “राजकीय यात्रा” का दर्जा दिया गया है.
उनके कहा,
“यह एक बहुत बड़ी यात्रा होगी क्योंकि इसे राजकीय यात्रा भी कहा जाता है.”
राजकीय यात्रा वह होती है जिसमें राष्ट्राध्यक्षों के बीच औपचारिकता, सम्मान और रणनीतिक स्तर पर उच्चतम स्तर की बातचीत शामिल होती है. यह स्पष्ट संकेत है कि मास्को इस दौरे को अत्यधिक महत्व देता है.
मोदी–Vladimir Putin सालाना बैठक को आगे बढ़ाने का अवसर

उशाकोव ने बताया कि यह यात्रा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच उस समझौते को आगे बढ़ाएगी जिसके अनुसार दोनों नेता हर वर्ष मिलकर:
- द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा,
- रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने,
- और वर्तमान वैश्विक मुद्दों पर गहन चर्चा करते हैं.
उशाकोव के अनुसार, यह मुलाकात इसी वार्षिक उच्च स्तरीय संचार का हिस्सा है और इसलिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है.
भारत–रूस संबंधों के लिए क्या मायने?
यह यात्रा कई कारणों से अहम हो सकती है:
1. रक्षा और रणनीतिक सहयोग
भारत और रूस लंबे समय से रक्षा साझेदार हैं. इस यात्रा में नई रक्षा परियोजनाओं, सह-उत्पादन और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर पर बातचीत होने की संभावना है.
2. ऊर्जा सहयोग
एलएनजी, तेल आपूर्ति, परमाणु ऊर्जा और आर्कटिक परियोजनाओं पर नई सहमति बन सकती है.
3. अंतरराष्ट्रीय मुद्दे
G20 के बाद रूस–भारत समीकरणों पर दुनिया की नज़र है. यूक्रेन युद्ध, पश्चिमी प्रतिबंध, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र की स्थिति जैसी वैश्विक चुनौतियों पर भी व्यापक चर्चा की उम्मीद है.

4. आर्थिक साझेदारी
रुपये–रूबल व्यापार, लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर, फार्मा, कृषि और हाई-टेक सेक्टर में नई घोषणाएँ संभव हैं.
पुतिन की आगामी भारत यात्रा सिर्फ एक कूटनीतिक घटना नहीं, बल्कि रणनीतिक साझेदारी, आर्थिक सहयोग और वैश्विक मुद्दों पर तालमेल को मजबूत करने का बड़ा अवसर है. रूस ने इसे “अत्यंत महत्वपूर्ण” बताकर साफ कर दिया है कि अगले कुछ हफ्ते भारत-रूस संबंधों के लिए निर्णायक हो सकते हैं.
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