Lockheed Martin और NASA का कमाल – X-59 ने किया इतिहास रचने वाला पहला उड़ान परीक्षण

अब नहीं गूंजेगा ‘सोनिक बूम’! X-59 ने दिखाया शांत सुपरसोनिक उड़ान का चमत्कार

अमेरिकी रक्षा और एयरोस्पेस दिग्गज Lockheed Martin ने NASA के साथ मिलकर एक नई उपलब्धि हासिल की है. कंपनी के प्रसिद्ध “Skunk Works” विभाग ने X-59 QueSST (Quiet Supersonic Technology) विमान की पहली सफल उड़ान पूरी की.

यह ऐतिहासिक उड़ान कैलिफ़ोर्निया के पल्मडेल स्थित USAF Plant 42 से भरकर NASA Armstrong Flight Research Center, एडवर्ड्स में सफलतापूर्वक लैंड हुई.

‘सोनिक बूम’ के बिना सुपरसोनिक उड़ान

X-59 का मुख्य उद्देश्य सुपरसोनिक उड़ान के दौरान पैदा होने वाले “सोनिक बूम” को कम से कम करना है. जब विमान ध्वनि की गति से ऊपर उड़ता है, तो वह जमीन पर जोरदार धमाके जैसी आवाज पैदा करता है — यही वजह है कि कई देशों में सुपरसोनिक उड़ानों पर प्रतिबंध है.

Lockheed Martin और NASA का यह संयुक्त प्रोजेक्ट इस समस्या को हल करने की दिशा में काम कर रहा है. X-59 का डिज़ाइन और एयरोडायनामिक्स इस तरह बनाए गए हैं कि उसकी उड़ान के दौरान शोर बेहद “नरम थड” जैसी आवाज़ में बदले — जिसे आम लोग बिना असुविधा के सुन सकें.

तकनीक जो बदल सकती है भविष्य

X-59 की लंबाई लगभग 30 मीटर है और इसका इंजन General Electric F414 पर आधारित है, वही इंजन जो कई आधुनिक फाइटर जेट्स में इस्तेमाल होता है.

NASA का कहना है कि आने वाले महीनों में X-59 की सुपरसोनिक उड़ानें की जाएंगी, और उसके बाद “कम्युनिटी एक्सेप्टेंस टेस्टिंग” के जरिए यह देखा जाएगा कि जमीन पर रहने वाले लोगों को यह शोर कितना कम सुनाई देता है.

अगर यह प्रयोग सफल रहता है, तो आने वाले दशक में सुपरसोनिक कमर्शियल जेट्स का रास्ता साफ हो जाएगा. यात्री न्यूयॉर्क से लंदन की यात्रा आधे समय में पूरी कर पाएंगे — और वो भी बिना किसी बूम के!

भारत के लिए क्या मायने हैं

भारत जैसे तेजी से बढ़ते एविएशन मार्केट में, जहां लंबी दूरी की हवाई यात्राएं आम हो रही हैं, इस तकनीक का बड़ा प्रभाव पड़ सकता है.

अगर सुपरसोनिक उड़ानों को कानूनी मंजूरी मिलती है, तो भारत-अंतरराष्ट्रीय रूट्स पर नई पीढ़ी के तेज़ वाणिज्यिक विमान उड़ सकते हैं. साथ ही, DRDO और HAL जैसी संस्थाएँ भी इस तकनीक से प्रेरणा लेकर भविष्य के लो-नॉइज़ फाइटर डिज़ाइन पर काम कर सकती हैं.

X-59 की पहली उड़ान सिर्फ एक तकनीकी उपलब्धि नहीं, बल्कि एक नए युग की शुरुआत है — जहाँ सुपरसोनिक गति अब “शांत” हो गई है.

NASA और Lockheed Martin आने वाले महीनों में इस विमान की सुपरसोनिक उड़ानों के डेटा को सार्वजनिक करेंगे — जिससे पूरी दुनिया यह जान सकेगी कि ‘सोनिक बूम’ का युग खत्म होने वाला है.

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