East Timor बना ASEAN का 11वां सदस्य, एशिया के सबसे युवा देश के लिए नया युग शुरू
एशिया का सबसे नया देश East Timor अब आधिकारिक तौर पर दक्षिण पूर्व एशियाई देशों के संगठन (ASEAN) का 11वां सदस्य बन गया है. यह ऐतिहासिक कदम रविवार को बैंकॉक में आयोजित ASEAN शिखर सम्मेलन के दौरान उठाया गया, जिसमें सदस्य देशों ने सर्वसम्मति से तिमोर-लेस्ते को पूर्ण सदस्यता प्रदान की.
East Timor ने वर्ष 2002 में इंडोनेशिया से स्वतंत्रता प्राप्त की थी. इसके बाद से यह देश ASEAN का हिस्सा बनने की कोशिश कर रहा था. 2011 में इसने औपचारिक आवेदन दिया था, लेकिन सदस्यता को लेकर लंबी राजनीतिक और आर्थिक प्रक्रिया चली.
ASEAN ने East Timor को 2022 में “ऑब्जर्वर स्टेट” का दर्जा दिया था. अब, 2025 में, उसे पूर्ण सदस्य के रूप में स्वीकार कर लिया गया है.
क्यों है यह बड़ा फैसला?
इस सदस्यता के बाद East Timor को ASEAN की सभी बैठकों, व्यापारिक समझौतों, और सुरक्षा सहयोग मंचों में भाग लेने का अधिकार मिल गया है.
विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम न केवल तिमोर-लेस्ते के लिए बल्कि पूरे दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए राजनीतिक एकता और क्षेत्रीय स्थिरता की दिशा में एक बड़ा कदम है.
East Timor के प्रधानमंत्री जोस रामोस-होर्टा ने कहा,
“यह हमारे देश के लिए एक सपने के पूरे होने जैसा है. अब हम ASEAN परिवार का हिस्सा हैं — और क्षेत्रीय विकास में सक्रिय भूमिका निभाने को तैयार हैं.”
आर्थिक और रणनीतिक महत्व
ASEAN की सदस्यता से तिमोर-लेस्ते को विदेशी निवेश और व्यापार के अधिक अवसर मिलेंगे.
यह निर्णय चीन, अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे क्षेत्रीय शक्तियों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि East Timor की भौगोलिक स्थिति सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है.
ASEAN अब एक ऐसे समूह में बदल गया है जिसमें 11 देश हैं — जिनकी सम्मिलित आबादी 700 मिलियन से अधिक है.
आगे की चुनौतियाँ
हालांकि सदस्यता हासिल करना एक बड़ी उपलब्धि है, लेकिन East Timor को अब आर्थिक स्थिरता, राजनीतिक सुधार और बुनियादी ढांचे के विकास में ASEAN के मानकों पर खरा उतरना होगा.
विकास विशेषज्ञों का कहना है कि देश को सदस्यता का पूरा लाभ तभी मिलेगा जब वह पारदर्शी शासन और दीर्घकालिक नीतिगत सुधारों को अपनाए.
मोर-लेस्ते का ASEAN में शामिल होना केवल एक कूटनीतिक कदम नहीं, बल्कि यह इस छोटे देश के लिए वैश्विक मंच पर नई पहचान की शुरुआत है.
अब देखना होगा कि ASEAN परिवार में शामिल होकर यह युवा राष्ट्र किस तरह अपने विकास और स्थिरता के सपने को हकीकत में बदलता है.