America vs Venezuela आमने-सामने: ट्रंप ने भेजा दुनिया का सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर,युद्ध की तैयारी शुरू?

वेनज़ुएला ने CIA और त्रिनिदाद-टोबैगो पर लगाया सैन्य उकसावे का आरोप – कैरेबियन में बढ़ा तनाव

दुनिया एक नए तनावपूर्ण मोड़ पर पहुंच गई है. America के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कैरिबियन सागर में दुनिया के सबसे बड़े एयरक्राफ्ट कैरियर USS Gerald R. Ford को तैनात कर दिया है. America का दावा है कि यह ऑपरेशन “ड्रग्स और संगठित अपराध के खिलाफ युद्ध” का हिस्सा है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का कहना है कि असली निशाना Venezuela की सरकार है.

America तैनाती का विस्तार

अमेरिका ने न केवल अपना सुपरकैरीयर भेजा है, बल्कि इसके साथ लगभग 5,000 मरीन सैनिक, 75 से अधिक फाइटर जेट्स, और 10,000 से अधिक कुल सैनिक लैटिन अमेरिका में तैनात किए जा चुके हैं.

पेंटागन ने बयान जारी करते हुए कहा है कि यह ऑपरेशन “Operation Caribbean Shield” का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य ड्रग तस्करी नेटवर्क को खत्म करना और नार्को-टेररिज्म पर नियंत्रण करना है.

परंतु अंतरराष्ट्रीय समुदाय को यह कदम सिर्फ “ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई” से कहीं अधिक गहरा लग रहा है.

कई रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ट्रंप प्रशासन वेनेजुएला में शासन परिवर्तन (Regime Change) की दिशा में तैयारी कर रहा है.

वेनेजुएला का पलटवार

अमेरिका-वेनेजुएला तनाव बढ़ा: कैरिबियन में USS Gerald R. Ford की तैनाती से युद्ध का खतरा

वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने अमेरिका की इस सैन्य तैनाती को “खुला युद्ध उकसाने की कोशिश” बताया है.

उन्होंने दावा किया कि देश की सीमाओं पर रूसी निर्मित एयर डिफेंस सिस्टम, Su-30 फाइटर जेट्स और आर्टिलरी यूनिट्स को तैनात कर दिया गया है.

मादुरो ने कहा —

“अमेरिका को पता होना चाहिए कि वेनेजुएला कोई कमजोर देश नहीं है. अगर हमारे देश पर आक्रमण हुआ, तो हम पलटवार करेंगे — पूरी ताकत के साथ.”

संयुक्त राष्ट्र (UN) और लैटिन अमेरिकी देशों ने इस बढ़ते तनाव पर चिंता जताई है.

America का रणनीतिक संदेश क्या है?

अमेरिका की यह तैनाती कई संकेत देती है— ट्रंप प्रशासन शक्ति प्रदर्शन कर रहा है, ताकि रूस और चीन समर्थित वेनेजुएला पर दबाव बढ़ाया जा सके.

अमेरिका इस कदम के ज़रिए यह दिखाना चाहता है कि दक्षिण अमेरिका में किसी भी बाहरी प्रभाव को सहन नहीं करेगा. USS Gerald R. Ford की मौजूदगी सिर्फ “ड्रग वार” नहीं, बल्कि पूर्ण सैन्य तैयारी का प्रतीक है.

युद्ध की आशंका क्यों बढ़ी?

अमेरिकी नेवी की यह तैनाती सीधे वेनेजुएला के तट से कुछ सौ किलोमीटर दूरी पर की गई है. अमेरिकी एयरबेसों में F/A-18 Super Hornet, EA-18G Growler, और E-2D Hawkeye विमान सक्रिय हैं.

वहीं, वेनेजुएला ने अपनी हवाई सीमाओं को बंद कर दिया है और सभी नागरिक उड़ानों को रद्द कर दिया है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर एक भी मिसअंडरस्टैंडिंग हुई, तो हालात जल्दी नियंत्रण से बाहर जा सकते हैं.

तेल और सत्ता की जंग

वेनेजुएला के पास दुनिया के सबसे बड़े तेल भंडार हैं. ट्रंप प्रशासन लंबे समय से वहां की समाजवादी सरकार को हटाने की कोशिश में रहा है. पिछले कुछ महीनों में अमेरिका ने वेनेजुएला पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं और विपक्षी नेताओं को खुला समर्थन दिया है.

अब, जब अमेरिकी युद्धपोत उसके तट पर खड़ा है तो संकेत साफ हैं कि यह “ड्रग वॉर” नहीं, बल्कि सत्ता और संसाधनों की लड़ाई बन चुकी है.

अमेरिका की यह सैन्य तैनाती एक बड़ा भू-राजनीतिक संकट बन सकती है. अगर वेनेजुएला जवाबी कदम उठाता है, तो यह संघर्ष पूरे लैटिन अमेरिकी क्षेत्र को अस्थिर कर सकता है.

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