HSU-100: चीन का पानी के नीचे चलने वाला खतरनाक मानवरहित ड्रोन, जो बदल देगा समुद्री जंग का भविष्य
चीन की विक्ट्री डे परेड में जब ताक़तवर मिसाइलें और अत्याधुनिक हथियारों की झलक दिखाई गई… तभी सबकी नज़र एक रहस्यमयी मशीन पर टिक गई. ये कोई टैंक, मिसाइल या जेट नहीं था… बल्कि एक ऐसा अंडरवाटर ड्रोन था, जो समुद्र की गहराइयों में छिपकर दुश्मन पर वार कर सकता है. इसका नाम है – HSU-100!. चीन ने अपने पहले बड़े मानवरहित अंडरवाटर ड्रोन HSU-100 को पेश कर दुनिया को चौंका दिया है.
HSU-100 क्या है?
HSU-100 चीन का पहला लार्ज अनमैन्ड अंडरवॉटर व्हीकल (Large UUV) है. यह एक पनडुब्बी जैसा ड्रोन है जो पूरी तरह से मानवरहित है. इसे दूर से नियंत्रित किया जा सकता है और यह स्वायत्त मिशनों पर भी काम कर सकता है.
यह ड्रोन पानी के अंदर खुफिया जानकारी जुटाने, निगरानी, माइन वॉरफेयर और दुश्मन के पनडुब्बियों की गतिविधियों पर नज़र रखने के लिए डिज़ाइन किया गया है.
इतिहास और अनावरण
HSU-100 को पहली बार 1 अक्टूबर 2019 को बीजिंग में चीन की 70वीं वर्षगांठ परेड के दौरान दिखाया गया. परेड में इसे बड़े ट्रक पर लादकर पेश किया गया, जिससे इसकी लंबाई और क्षमता का अंदाज़ा लगाया जा सका.
यह इस बात का संकेत था कि चीन अब पानी के नीचे भी ड्रोन वॉरफेयर में कदम रख चुका है.
डिजाइन और तकनीकी विशेषताएँ

चीन ने HSU-100 की आधिकारिक तकनीकी जानकारी (लंबाई, व्यास, वजन) कभी सार्वजनिक नहीं की है. जो भी जानकारी उपलब्ध है, वह satellite + parade footage के आधार पर है.
माना जाता है कि इसकी लंबाई लगभग 12 से 15 मीटर है, जबकि इसकी व्यास लगभग 1.5-2 मीटर है. इसमें अत्याधुनिक सेंसर लगे है. इसमें साइड स्कैन सोनार, कैमरे, और अंडरवॉटर निगरानी के लिए उन्नत खुफिया सेंसर लगे हैं. इसके ऊपर एंटेना/सेंसर पॉड लगे हैं, जिससे यह पानी के अंदर और सतह पर दोनों जगह काम कर सकता है.
HSU-100 की क्षमताएँ
- HSU-100 पानी के भीतर दुश्मन की पनडुब्बियों और जहाज़ों की गतिविधियों पर नजर रख सकता है. इसकी सहायता से नेवी समय पर खतरों का पता लगा सकती है और रणनीति तैयार कर सकती है.
- पानी के नीचे बारूदी सुरंग लगाना या उन्हें निष्क्रिय करना बहुत ही संवेदनशील काम है. HSU-100 इस काम को जोखिम कम करते हुए प्रभावी तरीके से अंजाम दे सकता है.
- समुद्र तल का नक्शा तैयार करना और इलेक्ट्रॉनिक डेटा इकट्ठा करना HSU-100 की एक और खासियत है. यह खुफिया जानकारी भविष्य की रणनीति और सुरक्षा योजनाओं में मदद करती है.
- इससे पानी के नीचे संचार और सिग्नल एकत्रित किया जा सकता है. इसे सतह के जहाज़ों, अन्य ड्रोन और उपग्रहों से जोड़ा जा सकता है.
रणनीतिक महत्व
चीन लंबे समय से “Underwater Great Wall” नामक परियोजना पर काम कर रहा है. इसका मकसद समुद्र के नीचे ऐसा नेटवर्क खड़ा करना है जो हर गतिविधि पर नज़र रख सके. HSU-100 इसी योजना का हिस्सा है.
यह खासकर South China Sea और Taiwan Strait में चीन के दावों को मजबूत करने के लिए अहम भूमिका निभा सकता है.
यह PLA Navy की Anti-Access/Area Denial (A2/AD) रणनीति का भी हिस्सा है, जिससे चीन अमेरिकी और सहयोगी नौसेना को अपने इलाकों से दूर रखना चाहता है.
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