INDIA ने ₹858 करोड़ के रक्षा सौदे किए, तुंगुस्का एयर डिफेंस और P-8I विमान मेंटेनेंस को मिली मजबूती

भारत ने ₹858 करोड़ के रक्षा सौदे किए, तुंगुस्का एयर डिफेंस और P-8I विमान मेंटेनेंस को मिली मजबूती

नई दिल्ली में 27 मार्च 2026 को INDIA GOV. के रक्षा मंत्रालय ने देश की सैन्य ताकत को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है. कुल ₹858 करोड़ के दो महत्वपूर्ण रक्षा अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए गए, जिनका उद्देश्य भारतीय सेना और नौसेना की ऑपरेशनल क्षमता को बढ़ाना है. ये समझौते नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन-2 में हुए.

पहला अनुबंध भारतीय सेना के लिए अत्याधुनिक Tunguska Air Defence Missile System की खरीद से जुड़ा है. इस डील की कीमत ₹445 करोड़ है और इसे रूस की सरकारी रक्षा कंपनी Rosoboronexport के साथ साइन किया गया है. इस मौके पर रक्षा सचिव Rajesh Kumar Singh भी मौजूद रहे.

भारत ने ₹858 करोड़ के रक्षा सौदे किए, तुंगुस्का एयर डिफेंस और P-8I विमान मेंटेनेंस को मिली मजबूती

तुंगुस्का सिस्टम एक बेहद खतरनाक और प्रभावी एयर डिफेंस प्लेटफॉर्म माना जाता है, जो एक साथ मिसाइल और गन दोनों का इस्तेमाल कर सकता है. यह प्रणाली दुश्मन के फाइटर जेट, ड्रोन और क्रूज मिसाइलों को हवा में ही नष्ट करने में सक्षम है. इसके शामिल होने से भारत की मल्टी-लेयर एयर डिफेंस क्षमता और अधिक मजबूत होगी, खासकर सीमावर्ती क्षेत्रों में.

दूसरा बड़ा अनुबंध भारतीय नौसेना के लिए है, जो ₹413 करोड़ का है. इसके तहत Boeing P-8I Poseidon समुद्री टोही विमान के डिपो-लेवल निरीक्षण और रखरखाव (Maintenance, Repair & Overhaul – MRO) की व्यवस्था की जाएगी. यह समझौता Boeing India Defense Private Limited के साथ किया गया है, जो कि अमेरिकी एयरोस्पेस कंपनी Boeing की पूर्ण स्वामित्व वाली भारतीय इकाई है.

भारत ने ₹858 करोड़ के रक्षा सौदे किए, तुंगुस्का एयर डिफेंस और P-8I विमान मेंटेनेंस को मिली मजबूती

इस डील की खास बात यह है कि P-8I विमान का मेंटेनेंस पूरी तरह भारत में ही किया जाएगा, जिसमें 100% स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया जाएगा. इससे न केवल ऑपरेशनल उपलब्धता बढ़ेगी बल्कि भारत की ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ पहल को भी मजबूती मिलेगी.

ये दोनों समझौते भारत की रक्षा तैयारियों को एक नई ऊंचाई पर ले जाएंगे. जहां एक ओर तुंगुस्का सिस्टम वायु रक्षा को मजबूत करेगा, वहीं दूसरी ओर P-8I विमानों की बेहतर मेंटेनेंस क्षमता से हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की निगरानी और समुद्री सुरक्षा और अधिक प्रभावी हो जाएगी.

भारत ने ₹858 करोड़ के रक्षा सौदे किए, तुंगुस्का एयर डिफेंस और P-8I विमान मेंटेनेंस को मिली मजबूती

भारत लगातार अपनी रक्षा क्षमताओं को आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. रूस और अमेरिका दोनों के साथ संतुलित रक्षा सहयोग के जरिए भारत अपनी रणनीतिक स्थिति को और मजबूत कर रहा है.

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