Raytheon की नॉन-काइनेटिक COYOTE ड्रोन ने कई ड्रोन स्वार्म को किया निष्क्रिय, नई एंटी-ड्रोन क्षमता का प्रदर्शन, नई एंटी-ड्रोन क्षमता का प्रदर्शन

Raytheon की नॉन-काइनेटिक COYOTE ड्रोन ने कई ड्रोन स्वार्म को किया निष्क्रिय, नई एंटी-ड्रोन क्षमता का प्रदर्शन, नई एंटी-ड्रोन क्षमता का प्रदर्शन

आधुनिक युद्ध में ड्रोन स्वार्म के बढ़ते खतरे के बीच अमेरिका की प्रमुख रक्षा कंपनी Raytheon ने अपनी उन्नत नॉन-काइनेटिक COYOTE इंटरसेप्टर की सफलता का खुलासा किया है. कंपनी के अनुसार, इस सिस्टम ने हालिया परीक्षणों में एक साथ कई ड्रोन स्वार्म को सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया.

यह COYOTE का ऐसा वैरिएंट है जो बिना विस्फोट या टक्कर (non-kinetic) के दुश्मन ड्रोन को निष्क्रिय करता है. यह सिस्टम ड्रोन के कम्युनिकेशन, नेविगेशन या कंट्रोल नेटवर्क को बाधित कर उन्हें बेअसर बना देता है, जिससे आसपास के इलाके को किसी प्रकार का भौतिक नुकसान नहीं होता.

Raytheon का कहना है कि यह तकनीक खास तौर पर घनी आबादी वाले क्षेत्रों, सैन्य ठिकानों और महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा के लिए बेहद कारगर है, जहां पारंपरिक मिसाइल या काइनेटिक हथियारों का इस्तेमाल जोखिम भरा हो सकता है.

COYOTE सिस्टम को काउंटर-यूएएस (C-UAS) ऑपरेशन्स के लिए डिजाइन किया गया है और यह अलग-अलग प्रकार के ड्रोन खतरों से निपटने में सक्षम है — चाहे वे अकेले ड्रोन हों या एक साथ हमला करने वाले स्वार्म. नॉन-काइनेटिक संस्करण से अब इसे कम लागत, कम जोखिम और तेज़ प्रतिक्रिया वाला समाधान माना जा रहा है.

कंपनी के अनुसार, ड्रोन स्वार्म भविष्य के युद्धों में सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक बनते जा रहे हैं और ऐसे में COYOTE जैसी तकनीक मल्टी-डोमेन डिफेंस रणनीति का अहम हिस्सा बन सकती है.

Raytheon की पैरेंट कंपनी RTX ने भी संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में COYOTE सिस्टम को और अधिक उन्नत सेंसर, सॉफ्टवेयर और नेटवर्क-आधारित डिफेंस सिस्टम से जोड़ा जाएगा, ताकि बड़े पैमाने पर ड्रोन हमलों को रोका जा सके.

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह सफलता दिखाती है कि भविष्य की वायु रक्षा केवल मिसाइलों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक और नॉन-काइनेटिक हथियार भी निर्णायक भूमिका निभाएंगे.

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