Exercise Vajra Ghaat : K-9 Vajra ने Pokhran में दिखाया रेगिस्तान में घातक युद्ध कौशल
भारतीय सेना ने रेगिस्तानी युद्ध क्षेत्र में अपनी आर्टिलरी ताकत का प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए Exercise VAJRA GHAAT का सफल आयोजन किया. यह अभ्यास White Tiger Division द्वारा Southern Command के अंतर्गत Pokhran Field Firing Range में आयोजित किया गया.
इस हाई-इंटेंसिटी अभ्यास का उद्देश्य रेगिस्तानी सेक्टर में K-9 वज्र स्वचालित आर्टिलरी गन सिस्टम की घातक मारक क्षमता, सटीकता और तेज़ प्रतिक्रिया को परखना और और अधिक मज़बूत करना था.
क्या रहा Exercise VAJRA GHAAT का फोकस?
इस सैन्य अभ्यास में खासतौर पर Survivability बढ़ाने पर ज़ोरस उन्नत Tactics, Techniques & Procedures (TTPs) का परीक्षण, तेज़ मूवमेंट के साथ Shoot-and-Scoot प्रोफाइल, टेक्नोलॉजी-ड्रिवन Target Acquisition & Engagement Systems का उपयोग पर ध्यान केंद्रित किया गया.

अभ्यास के दौरान K-9 वज्र ने साबित किया कि वह हाई-स्पीड फायरिंग और लॉन्ग-रेंज प्रिसिजन स्ट्राइक तथा तेज़ी से पोज़िशन बदलने की क्षमता के साथ आधुनिक युद्धक्षेत्र में एक निर्णायक हथियार बन चुका है. रेत, धूल और उच्च तापमान जैसे कठिन हालातों में भी सिस्टम ने बेहद सटीक और घातक प्रदर्शन किया.
रणनीतिक महत्व
रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, Exercise VAJRA GHAAT यह स्पष्ट संदेश देता है कि भारतीय सेना रेगिस्तानी युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार है. आर्टिलरी को नेटवर्क-सेंट्रिक और टेक्नोलॉजी-इंटीग्रेटेड बनाया जा रहा है. भविष्य के युद्धों में तेज़, सटीक और घातक फायरपावर निर्णायक भूमिका निभाएगी.
VAJRA GHAAT केवल एक अभ्यास नहीं, बल्कि भारत की उस सैन्य सोच का प्रतिबिंब है जिसमें मोबिलिटी, सटीकता और सर्वाइवल को प्राथमिकता दी जा रही है. रेगिस्तान में K-9 वज्र की गर्जना ने यह साबित कर दिया कि भारतीय आर्टिलरी आने वाले समय में किसी भी चुनौती का सामना करने में सक्षम है.