China ने नई अपग्रेडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर को नौसेना में किया शामिल, बढ़ी PLA की समुद्री ताकत
China ने अपनी नौसैनिक ताकत को और मज़बूत करते हुए पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) नेवी में एक नई अपग्रेडेड गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर को औपचारिक रूप से शामिल कर लिया है. यह युद्धपोत Type-052D क्लास का है और इसका नाम ‘Loudi’ रखा गया है.
चीनी मीडिया के अनुसार, यह नया डेस्ट्रॉयर आधुनिक रडार सिस्टम, एडवांस कमांड-एंड-कंट्रोल नेटवर्क और मल्टी-रोल मिसाइल क्षमताओं से लैस है. जहाज़ को खास तौर पर हवाई हमलों से रक्षा, समुद्री युद्ध और टास्क फोर्स ऑपरेशन के लिए डिज़ाइन किया गया है.
क्या है इस डेस्ट्रॉयर की खासियत?
- अपग्रेडेड AESA रडार सिस्टम, जो एक साथ कई हवाई और समुद्री लक्ष्यों को ट्रैक कर सकता है.
- लंबी दूरी तक मार करने वाली एंटी-एयर और एंटी-शिप मिसाइलें
- आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर और नेटवर्क-सेंट्रिक वॉरफेयर क्षमता
- युद्ध के दौरान अन्य जहाज़ों को कमांड और सुरक्षा देने की क्षमता
PLA नेवी के अनुसार, यह डेस्ट्रॉयर न केवल दुश्मन लक्ष्यों पर सटीक हमला कर सकता है, बल्कि पूरे नौसैनिक बेड़े की सुरक्षा कवच की तरह भी काम करेगा.
क्यों अहम है यह तैनाती?
विशेषज्ञों का मानना है कि Type-052D जैसे युद्धपोतों की संख्या बढ़ाकर चीन इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहता है. यह कदम अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के बढ़ते नौसैनिक प्रभाव के जवाब के रूप में भी देखा जा रहा है.
चीन लगातार अपने नौसैनिक बेड़े का आधुनिकीकरण कर रहा है और नए एयरक्राफ्ट कैरियर, सबमरीन और डेस्ट्रॉयर शामिल कर दुनिया की सबसे बड़ी नौसेना बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है.