SIPRI रिपोर्ट 2025: दुनिया की टॉप 100 हथियार कंपनियों की कमाई 679 अरब डॉलर, जानिए कौन बना सबसे बड़ा खिलाड़ी

SIPRI रिपोर्ट 2025: दुनिया की टॉप 100 हथियार कंपनियों की कमाई 679 अरब डॉलर, जानिए कौन बना सबसे बड़ा खिलाड़ी

दुनिया भर में बढ़ते सुरक्षा खतरे, क्षेत्रीय संघर्ष और सैन्य आधुनिकीकरण की तेज़ दौड़ ने वैश्विक हथियार उद्योग को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है. Stockholm International Peace Research Institute (SIPRI) की नई रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2024 में टॉप 100 हथियार निर्माता कंपनियों की कुल आर्म्स सेल्स 5.9% बढ़कर 679 अरब डॉलर तक पहुँच गई — यह अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है.

यह उछाल इस बात का स्पष्ट संकेत है कि दुनिया युद्ध की अनिश्चितता के दौर में है, और देश अपनी सैन्य क्षमता को तेज़ी से मजबूत कर रहे हैं.

अमेरिका: दुनिया के हथियार बाज़ार का सबसे बड़ा खिलाड़ी

SIPRI रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में 39 अमेरिकी रक्षा कंपनियों की कुल कमाई 334 अरब डॉलर रही. इनमें से 30 कंपनियों ने अपनी बिक्री में मजबूती दर्ज की.

हालांकि, अमेरिका की कई बड़ी परियोजनाएँ—जैसे F-35, Columbia-class submarine, Sentinel ICBM— लगातार देरी और लागत बढ़ोतरी की समस्या से जूझ रही हैं. फिर भी, अमेरिका दुनिया के हथियार उद्योग में एक स्थायी वर्चस्व बनाए हुए है.

यूरोप: यूक्रेन युद्ध ने बढ़ाई मांग, कंपनियों ने की रिकॉर्ड कमाई

यूरोप की 26 कंपनियों में से 23 की आय बढ़ी और कुल बिक्री 151 अरब डॉलर तक पहुंच गई.

सबसे बड़ा उछाल Czechoslovak Group में देखा गया, जिसकी आय में 193% की भारी बढ़ोतरी हुई — वजह है यूक्रेन के लिए भारी मात्रा में आर्टिलरी गोले का उत्पादन.

यूक्रेन की सरकारी रक्षा कंपनी JSC Ukrainian Defense Industry की कमाई भी 41% बढ़कर 3 अरब डॉलर तक पहुंची.

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रूस: प्रतिबंधों के बावजूद जमकर कमाई

पश्चिमी प्रतिबंधों के बावजूद, रूस की दो प्रमुख रक्षा कंपनियाँ — Rostec और United Shipbuilding Corporation — कुल 23% की बढ़ोतरी के साथ 31.2 अरब डॉलर की कमाई करने में सफल रहीं. रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते रूस ने अपने घरेलू उत्पादन को आक्रामक रूप से बढ़ाया है.

एशिया-ओशियनिया: चीन की गिरावट से क्षेत्र की कुल कमाई घटी

यह अकेला क्षेत्र रहा जहां कुल कमाई में गिरावट देखी गई. क्षेत्र की बिक्री 1.2% गिरकर 130 अरब डॉलर पर आ गई, और इसका सबसे बड़ा कारण था — चीन की रक्षा कंपनियों की आय में 10% की गिरावट. खासतौर पर NORINCO की बिक्री 31% से अधिक गिरी. चीन की रक्षा उद्योग पर हाल ही में बड़ी भ्रष्टाचार कार्यवाहियों का असर साफ दिखा है.

इसके उलट, जापान की रक्षा कंपनियों की कमाई 40% बढ़कर 13.3 अरब डॉलर हो गई जबकि दक्षिण कोरिया की कमाई 31% बढ़कर 14.1 अरब डॉलर हुई.

मध्य-पूर्व: पहली बार 9 कंपनियाँ Top-100 में शामिल

मध्य-पूर्व की 9 कंपनियों ने मिलकर 31 अरब डॉलर की कमाई की. इस्राइल की तीन कंपनियाँ— Israel Aerospace Industries, Rafael, Elbit Systems — ने मिलकर 16.2 अरब डॉलर की कमाई की, जो पिछले वर्ष से 16% अधिक है.

भारत: घरेलू ऑर्डरों से मजबूत हुई रक्षा कंपनियाँ

भारत की तीन रक्षा कंपनियों की संयुक्त आर्म्स कमाई 8.2% बढ़कर 7.5 अरब डॉलर पर पहुंच गई. यह वृद्धि संकेत देती है कि भारत में ‘आत्मनिर्भर Bharat’ और घरेलू रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने की नीतियाँ जमीन पर असर दिखा रही हैं.

क्या संकेत देती है यह रिपोर्ट?          

दुनिया तेजी से हथियारों की नई होड़ में प्रवेश कर चुकी है. अमेरिका और यूरोप की कंपनियाँ बढ़ती मांग से पहले से अधिक मजबूत हो रही हैं. रूस और मध्य-पूर्व भी तेजी से हथियार उत्पादन बढ़ा रहे हैं. चीन को उद्योगिक गिरावट और भ्रष्टाचार से झटका लगा है. भारत अपनी घरेलू क्षमता को लगातार बढ़ा रहा है और आने वाले वर्षों में वैश्विक हथियार बाज़ार में और बड़ी भूमिका निभा सकता है.

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