ओमान ने भारत को सौंपे 20 Jaguar फाइटर जेट, IAF को मिलेगा बड़ी राहत, स्पेयर पार्ट्स की समस्या होगी दूर

ओमान के रिटायर्ड Jaguar जेट्स — जिन्हें भारत ने स्पेयर-पार्ट्स के लिए लिया, ताकि IAF का बेड़ा मजबूत और ऑपरेशनल बना रहे

भारतीय वायुसेना के लिए एक महत्वपूर्ण राहत भरी खबर सामने आई है. ओमान सरकार ने अपने रिटायर्ड Jaguar फाइटर जेट्स में से 20 विमानों को भारत को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इन विमानों को उड़ान में नहीं बल्कि स्पेयर पार्ट्स निकालने के लिए इस्तेमाल किया जाएगा. यह कदम ऐसे समय पर आया है जब भारतीय वायुसेना के Jaguar बेड़े को बनाए रखना मुश्किल होता जा रहा था.

क्यों हैं Jaguar भारत के लिए अहम?    

IAF के पास इस समय 5 से अधिक Jaguar स्क्वाड्रन मौजूद हैं. ये फाइटर एयरक्राफ्ट मुख्य रूप से डेप्थ स्ट्राइक, एंटी-शिप, लो-लेवल पेनिट्रेशन मिशन, न्यूक्लियर डिलीवरी प्लेटफॉर्म में उपयोग होते रहे हैं.

परंतु विमान पुराने हो चुके हैं और इनका उत्पादन बंद होने के कारण स्पेयर पार्ट्स की उपलब्धता लगातार कम होती जा रही थी. ऐसे में ओमान से मिलने वाले यह एयर-फ्रेम भारतीय बेड़े की लाइफ बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.

20 Jaguar जेट्स क्यों महत्वपूर्ण?

मिलने वाले 20 Jaguar स्ट्रक्चरल पार्ट्स हाइड्रोलिक सिस्टम, लैंडिंग-गियर असेंबली, एवियोनिक्स यूनिट, एयर-इंटेक और विंग असेंबली     और पावर-सप्लाई और कंट्रोल सिस्टम के लिए इस्तेमाल होंगे. इन पार्ट्स की कमी कई स्क्वाड्रनों को प्रभावित कर रही थी, खासकर टेक्निकल ओवरहॉल में देरी हो रही थी.

IAF की अपग्रेड योजना भी जारी

ओमान के रिटायर्ड Jaguar जेट्स — जिन्हें भारत ने स्पेयर-पार्ट्स के लिए लिया, ताकि IAF का बेड़ा मजबूत और ऑपरेशनल बना रहे

IAF Jaguar को अपग्रेड करने में भी जुटी है.

चल रहे प्रमुख अपग्रेड में

  • EL/M-2052 AESA रडार
  • Mission Computer Mk.2
  • लेज़र-गाइडेड बम किट
  •  नए इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम

इन बदलावों से Jaguar अभी भी भारतीय वायुशक्ति में एक प्रभावी स्ट्राइक प्लेटफॉर्म बन सकता है.

ओमान की भूमिका क्यों अहम?

ओमान उन देशों में से था जहां Jaguar अभी तक सक्रिय भूमिका में रहे. ओमान ने 2024 में इन्हें आधिकारिक रूप से सेवा से रिटायर कर दिया.

अब ये एयरफ्रेम भारत के लिए “कैनिबलाइजेशन प्लेटफॉर्म” बनेंगे— अर्थात एक विमान से पार्ट निकालकर दूसरे विमान में लगाया जाएगा.

IAF को मिलेगी रणनीतिक राहत

इस डील से

  • बेड़े की ऑपरेशनल उपलब्धता बढ़ेगी
  • स्क्वाड्रन स्ट्रेंथ बरकरार रहेगी
  • त्वरित मरम्मत आसान होगी
  • लागत में भारी बचत होगी

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम Jaguar बेड़े को अगले कुछ वर्षों तक सक्रिय रखने में सबसे निर्णायक साबित हो सकता है.

ओमान द्वारा 20 Jaguar विमानों का हस्तांतरण भारतीय वायुसेना के लिए एक बड़ी रणनीतिक उपलब्धि है.

इन स्पेयर्स से,

  • पुरानी समस्याएँ कम होंगी
  • अपग्रेडेड Jaguars की संख्या बढ़ेगी और भारतीय स्ट्राइक क्षमता मजबूत बनी रहेगी.

निकट भविष्य में, IAF द्वारा नए फाइटर विमानों की खरीद या Tejas Mk-2 जैसे विकल्प आने तक Jaguar बेड़ा भारत की फ्रंटलाइन स्ट्राइक क्षमता को संभाले रखेगा.

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