India ने इमरजेंसी डिफेंस खरीद की समय सीमा बढ़ाई, DAC का बड़ा फैसला
India सरकार ने सशस्त्र बलों की तात्कालिक परिचालन जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इमरजेंसी प्रोक्योरमेंट (Emergency Procurement) प्रक्रिया की समय सीमा बढ़ाने का फैसला किया है.
रक्षा अधिग्रहण समिति (Defence Acquisition Council – DAC) ने इस व्यवस्था को 15 जनवरी 2026 तक बढ़ाने की मंज़ूरी दी है.
इस फैसले का उद्देश्य भारतीय सशस्त्र बलों और रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों (DPSUs) को जरूरी रक्षा उपकरण, स्पेयर पार्ट्स और अग्नि-सुरक्षा सामग्री तेजी से उपलब्ध कराना है.
क्या है इमरजेंसी खरीद व्यवस्था?

इमरजेंसी प्रोक्योरमेंट प्रक्रिया के तहत सेना, नौसेना और वायुसेना को सीमित समय में सरल प्रक्रियाओं के जरिए आवश्यक रक्षा साजो-सामान खरीदने की अनुमति होती है. यह व्यवस्था आम तौर पर सीमा पर तनाव, ऑपरेशनल गैप या आकस्मिक हालात में लागू की जाती है, ताकि लंबी टेंडर प्रक्रिया से बचा जा सके.
किन चीज़ों की खरीद आसान होगी?
इस विस्तार के बाद निम्न प्रकार की वस्तुओं की खरीद तेजी से की जा सकेगी:
- हथियारों के महत्वपूर्ण स्पेयर और सब-सिस्टम
- गोला-बारूद और सपोर्ट इक्विपमेंट
- अग्नि-सुरक्षा और फायर-फाइटिंग सिस्टम
- निगरानी और संचार उपकरण
- लॉजिस्टिक और मेंटेनेंस से जुड़ा सामान
क्यों लिया गया यह फैसला?

- सीमा पर बदलते सुरक्षा हालात
- चीन और पाकिस्तान के साथ जारी रणनीतिक चुनौतियां
- ऑपरेशनल रेडीनेस बनाए रखने की जरूरत
- स्वदेशी DPSU और इंडस्ट्री को तेज़ ऑर्डर देने की रणनीति
- सरकार का मानना है कि यह कदम फोर्स रेडीनेस, तेज रिस्पॉन्स और सुरक्षा तैयारियों को और मज़बूत करेगा.
रणनीतिक मायने
इमरजेंसी खरीद की समय सीमा बढ़ना इस बात का संकेत है कि भारत किसी भी आकस्मिक स्थिति के लिए तैयार रहना चाहता है.
- निर्णय प्रक्रिया को लचीला बना रहा है
- सैन्य आधुनिकीकरण को प्राथमिकता दे रहा है
यह फैसला आत्मनिर्भर India और तेज़ सैन्य निर्णय क्षमता की दिशा में भी अहम माना जा रहा है.