Venezuela ने CIA और त्रिनिदाद-टोबैगो पर लगाया “सैन्य उकसावे” का आरोप,लैटिन अमेरिका में तनाव बढ़ा
लैटिन अमेरिका में भू-राजनीतिक तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. Venezuela ने रविवार को अमेरिका की खुफिया एजेंसी CIA और पड़ोसी देश त्रिनिदाद-टोबैगो पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों मिलकर उसके खिलाफ “सैन्य उकसावे” (Military Provocation) की साजिश रच रहे हैं.
Venezuela सरकार का कहना है कि त्रिनिदाद और अमेरिकी एजेंसियों के संयुक्त सैन्य अभ्यास का असली उद्देश्य “फॉल्स फ्लैग” (झूठे हमले का नाटक) करना है, ताकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वेनज़ुएला को आक्रामक राष्ट्र दिखाया जा सके और उस पर सैन्य कार्रवाई का रास्ता खोला जा सके.
Venezuela का आरोप
वेनज़ुएला की उप-राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने अपने बयान में कहा,
“CIA द्वारा त्रिनिदाद और टोबैगो के सैन्य ढांचे का इस्तेमाल कर हमारी सीमाओं पर उकसावे की कार्रवाई की जा रही है. यह सीधे तौर पर वेनज़ुएला की संप्रभुता पर हमला है.”
रोड्रिगेज ने दावा किया कि वेनज़ुएला की सुरक्षा एजेंसियों ने CIA से जुड़े कुछ स्थानीय एजेंटों को गिरफ्तार किया है, जो इस कथित योजना में शामिल थे.
अमेरिका और त्रिनिदाद की चुप्पी
अमेरिका और त्रिनिदाद-टोबैगो दोनों ने अब तक इस आरोप पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है. हालांकि, अमेरिकी रक्षा विभाग (Pentagon) ने अपने हालिया बयान में कहा था कि कैरेबियन क्षेत्र में चल रहे सैन्य अभ्यास “ड्रग ट्रैफिकिंग और मरीन सुरक्षा” से जुड़े हैं और किसी देश के खिलाफ नहीं हैं.
अमेरिका और वेनज़ुएला के बीच संबंध पहले से ही तनावपूर्ण हैं.पिछले हफ्ते ही अमेरिका ने USS Gerald R. Ford एयरक्राफ्ट कैरियर और 10,000 से अधिक सैनिकों को कैरेबियन सागर में तैनात किया था.
वेनज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने इसे “आर्थिक युद्ध के बाद सैन्य दबाव की कोशिश” बताया था. अब CIA और त्रिनिदाद के खिलाफ नया आरोप इस तनाव को और गहरा कर सकता है.
क्षेत्रीय असर
इस विवाद ने पूरे लैटिन अमेरिकी क्षेत्र को सतर्क कर दिया है. कोलंबिया और क्यूबा ने पहले ही अमेरिका की बढ़ती सैन्य मौजूदगी पर चिंता जताई थी, जबकि मेक्सिको ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है.
विश्लेषकों का मानना है कि अगर यह विवाद कूटनीतिक रूप से नहीं सुलझा तो कैरेबियन सागर एक नए सैन्य हॉटस्पॉट में बदल सकता है.
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
संयुक्त राष्ट्र (UN) ने भी इस स्थिति पर चिंता जताई है और दोनों देशों से “सीमा पार उकसावे से बचने” की अपील की है.
रूस और चीन ने वेनज़ुएला के बयान का परोक्ष समर्थन किया है, यह कहते हुए कि “किसी भी देश की सीमाओं के बाहर शक्ति प्रदर्शन से क्षेत्रीय शांति खतरे में पड़ सकती है.”
वेनज़ुएला और अमेरिका के बीच यह ताजा टकराव कैरेबियन क्षेत्र की राजनीतिक दिशा तय कर सकता है.
अगर यह विवाद शांतिपूर्ण संवाद के जरिए नहीं सुलझा, तो आने वाले दिनों में दक्षिण अमेरिका एक और बड़े भू-राजनीतिक संकट का गवाह बन सकता है.