रूस ने ‘Burevestnik’ न्यूक्लियर क्रूज़ मिसाइल का सफल परीक्षण किया

रूस ने अपनी परमाणु-संचालित क्रूज़ मिसाइल ‘Burevestnik’ का सफल परीक्षण किया है। यह मिसाइल लगभग असीमित रेंज, कम ऊँचाई पर उड़ान और राडार से बचने की क्षमता रखती है।

रूस ने अपनी सबसे रहस्यमयी और खतरनाक मानी जाने वाली न्यूक्लियर-पावर्ड क्रूज़ मिसाइल “Burevestnik” (9M730) का सफल परीक्षण किया है. इस मिसाइल को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने “absolute deterrence trump card” यानी रूस की परम प्रतिरोध क्षमता का अंतिम हथियार बताया है.

रूस के चीफ ऑफ जनरल स्टाफ जनरल वैलेरी गेरासिमोव ने पुतिन को बताया कि हाल ही में हुए परीक्षण में यह मिसाइल अपने लक्ष्य तक पहुँचने के लिए शत्रु के सभी मिसाइल डिफेंस सिस्टम्स को चकमा देने में पूरी तरह सफल रही.

 क्या है Burevestnik मिसाइल?

9M730 Burevestnik, जिसे नाटो में SSC-X-9 Skyfall कहा जाता है, रूस की एक न्यूक्लियर-पावर्ड क्रूज़ मिसाइल है. इसका सबसे बड़ा रहस्य इसका छोटा परमाणु रिएक्टर है — जो इसे लगभग अनलिमिटेड रेंज प्रदान करता है.

इसका मतलब है कि यह मिसाइल  लगातार कई दिनों तक हवा में रह सकती है, पूरी दुनिया का चक्कर लगाकर लक्ष्य तक पहुँच सकती है और किसी भी दिशा से अप्रत्याशित तरीके से हमला कर सकती है.

क्यों है Burevestnik गेमचेंजर

रूस ने अपनी परमाणु-संचालित क्रूज़ मिसाइल ‘Burevestnik’ का सफल परीक्षण किया है। यह मिसाइल लगभग असीमित रेंज, कम ऊँचाई पर उड़ान और राडार से बचने की क्षमता रखती है।

परंपरागत क्रूज़ मिसाइलों की तरह, Burevestnik बहुत निचली ऊंचाई पर उड़ सकती है, जिससे इसे रडार पर पकड़ना बेहद मुश्किल हो जाता है.

इसके पास कोई स्थिर बैलिस्टिक ट्रैजेक्टरी नहीं होती, यानी इसे रोकने के लिए कोई निश्चित रक्षा बिंदु नहीं बनाया जा सकता.

पुतिन के अनुसार, यह मिसाइल “उन परिस्थितियों के लिए बनाई गई है जहाँ दुश्मन रूस पर अचानक हमला करे या उसके नेतृत्व को निशाना बनाए” — यानी यह किसी भी ‘डिकैपिटेशन स्ट्राइक’ के बाद भी जवाब देने की गारंटी देती है.

इस मिसाइल प्रोग्राम की शुरुआत 2000 के दशक की शुरुआत में हुई थी, जब अमेरिका ने Anti-Ballistic Missile (ABM) Treaty से खुद को अलग कर लिया था और यूरोप व एशिया में अपने Aegis Missile Defense Systems को तैनात करना शुरू किया था.

2018 में पुतिन ने पहली बार इस मिसाइल को दुनिया के सामने पेश किया था.

रूस के पास पहले से ही “अजेय” हथियारों में Avangard (हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल), Zircon (हाइपरसोनिक मिसाइल), Kinzhal, Poseidon और Sarmat ICBM  मौजूद है.

रणनीतिक महत्व

रक्षा विश्लेषकों के अनुसार, Burevestnik मिसाइल रूस की “Second Strike Capability” को लगभग अजेय बना देती है.

यदि किसी परिस्थिति में रूस पर बड़ा हमला हो भी जाए, तब भी यह मिसाइल कहीं से भी लॉन्च होकर दुश्मन को जवाब दे सकती है.

यह मिसाइल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हथियारों की दौड़ को एक नई दिशा में ले जा सकती है, क्योंकि न्यूक्लियर-पावर्ड क्रूज़ मिसाइलें अब तक केवल कल्पना और सिद्धांतों में थीं, लेकिन रूस ने इसे वास्तविकता में बदल दिया है.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, आने वाले महीनों में रूस इस मिसाइल के फ्लाइट और कंट्रोल टेस्ट्स को और विस्तारित करेगा.

हालाँकि पश्चिमी देशों में इसके रेडिएशन रिस्क और पर्यावरणीय खतरों को लेकर चिंता जताई जा रही है.

फिर भी, पुतिन का संदेश साफ़ है-

अगर कोई रूस पर हमला करने की सोचता है, तो उसे यह याद रखना चाहिए कि Burevestnik कभी नहीं थकती.”

“Burevestnik” केवल एक मिसाइल नहीं, बल्कि रूस का यह ऐलान है कि उसकी न्यूक्लियर डिटरेंस कैपेबिलिटी अब अनंत दूरी तक पहुँच चुकी है.

यह मिसाइल आने वाले वर्षों में वैश्विक रणनीतिक शक्ति संतुलन को पूरी तरह बदल सकती है.

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