Israel का सबसे बड़ा हवाई हमला, हूती प्रधानमंत्री समेत कई मंत्री ढेर

यमन पर इजरायल का सबसे बड़ा हमला, हूती प्रधानमंत्री और मंत्री मंडल पर तबाही

Israel और हूती विद्रोहियों के बीच बढ़ते तनाव ने हालात को विस्फोटक बना दिया है. इजरायली वायुसेना ने यमन की राजधानी सना में एक सटीक हवाई हमला किया. निशाना थे – हूती संगठन के प्रधानमंत्री अहमद अल-रहवी और उनके मंत्रीमंडल के कई सदस्य. ठीक उसी तरह जैसे उसने ईरान में किया था. जिसमें ईरान के कई टॉप कमांडर मारे गए थे.

हूती टीवी चैनल अल-मसीरा ने पुष्टि की कि प्रधानमंत्री अल-रहवी और उनके कई सहयोगी ईजरायली हमले में मारे गए है. इजरायली मीडिया के मुताबिक, हमला उस समय किया गया जब ये नेता हूती प्रमुख अब्दुल मलिक अल-हूती का भाषण देख रहे थे.

लेकिन यहीं से कहानी और भी पेचीदा हो जाती है. इजरायल ने अब तक यह नहीं बताया कि वास्तव में किसे निशाना बनाया गया. दूसरी तरफ हूती संगठन ने आरोप लगाया है कि इजरायल ने नागरिक बस्तियों और अपार्टमेंट्स को बमबारी से तबाह कर दिया.

कहा जा रहा है कि इजरायल के रक्षा मंत्री, प्रधानमंत्री नेतन्याहू और IDF चीफ ऑफ स्टाफ के बीच उच्च स्तरीय समन्वय के बाद इस ऑपरेशन को मंजूरी मिली.

Israel क्या ये हमला क्यों बना खास?                                      

यह हमला सिर्फ सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि रणनीतिक संदेश भी है. हाल के हफ्तों में हूती विद्रोही बार-बार दक्षिणी इजरायल पर मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहे थे. इस हमले को उसी का जवाब माना जा रहा है.

विवाद और आरोप

जहां इजरायली मीडिया इसे “हूतियों पर अब तक का सबसे बड़ा हमला” बता रहा है, वहीं हूती संगठन ने आरोप लगाया कि इजरायल ने जानबूझकर नागरिक ठिकानों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया. यमन के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसे युद्ध अपराध करार दिया है.

क्षेत्रीय असर

यह हमला सिर्फ यमन और इजरायल तक सीमित नहीं है. ईरान, जो हूतियों का सबसे बड़ा समर्थक है, इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दे सकता है. यह संघर्ष मध्य पूर्व में एक नए मोड़ का संकेत देता है, जहां इजरायल अपने दुश्मनों को उनके गढ़ में जाकर मार गिराने की रणनीति अपना रहा है. वहीं सऊदी अरब और खाड़ी देश इस संघर्ष पर पैनी नजर रखे हुए हैं.

खाड़ी क्षेत्र की स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लेन पर भी इसका असर पड़ सकता है. दरअसल इसका असर अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार, खासकर रेड सी और बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य, पर भी असर पड़ सकता है.

तो क्या यह हमला इजरायल और ईरान समर्थित हूतियों के बीच सीधे टकराव का आगाज है? या फिर यह केवल एक चेतावनी है कि इजरायल अपने दुश्मनों को कहीं भी ढूंढ कर खत्म कर सकता है? इजरायल पहले भी ऐसा करता रहा है, इसलिए इजरायल का अपने दुश्मनों के लिए यह चेतावनी ही है.

One thought on “Israel का सबसे बड़ा हवाई हमला, हूती प्रधानमंत्री समेत कई मंत्री ढेर

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *