Navy और Coast Guard को मिलेंगे 76 helicopters

76 New War Helicopters for India!

भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय (MoD) ने 76 नए Naval Utility Helicopters (NUH) की खरीद के लिए Request for Information (RFI) जारी कर दिया है. ये हेलिकॉप्टर Buy & Make (Indian) कैटेगरी के अंतर्गत लिए जाएंगे, यानी विदेशी तकनीक के साथ भारतीय उद्योग भागीदारों द्वारा निर्माण होगा.

इनमें से 51 helicopters भारतीय नौसेना को मिलेंगे…जबकि 25 हेलिकॉप्टर भारतीय तटरक्षक बल को मिलेगा.

ये हेलिकॉप्टर सिर्फ़ उड़ने के लिए नहीं, बल्कि… समुद्र में फंसे लोगों की जान बचाने, घायलों को फौरन अस्पताल पहुँचाने, तटों और जहाज़ों पर निगरानी रखने और ज़रूरत पड़ने पर दुश्मन को मात देने वाले Low Intensity Maritime Operations के लिए तैयार होंगे.

इनकी सबसे बड़ी ताक़त होगी – Maritime Search & Rescue, CASEVAC/MEDEVAC, और किसी भी समय — दिन हो या रात — मिशन पर उड़ान भरने की क्षमता.

कठोर पात्रता और तकनीकी आवश्यकताएं

आरएफपी के अनुसार, विक्रेताओं को सख्त पात्रता मानदंडों को पूरा करना होगा. योग्य होने के लिए, किसी भी कंपनी को नौसेना या समुद्री बल के साथ कम से कम पांच साल का सिद्ध अनुभव होना आवश्यक है.

तकनीकी आवश्यकताओं में एक 5,500 किलोग्राम से कम वजन का, दो इंजन वाला हेलीकॉप्टर शामिल है, जिसमें पहिएदार लैंडिंग गियर और जहाज़ पर रखने के लिए ब्लेड फोल्ड करने की क्षमता हो.

helicopters में होगा 12.7 मिमी भारी मशीन

हेलीकॉप्टरों को नौसेना की विभिन्न भूमिकाओं के लिए तैयार किया जाएगा, जिसमें लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर (LIMO) की भूमिका भी शामिल है. इसके लिए, हेलीकॉप्टर में 12.7 मिमी भारी मशीन गन या 7.62 मिमी मध्यम मशीन गन को एकीकृत करने की क्षमता होनी चाहिए.

चयनित विक्रेता को दीर्घकालिक उत्पाद सहायता, जिसमें पुर्जे और रखरखाव उपकरण शामिल हैं, प्रदान करनी होगी.

इस खरीद से भारतीय नौसेना की परिचालन क्षमता में महत्वपूर्ण वृद्धि होने की उम्मीद है.

Chetak helicopters की जगह लेंगे नए helicopter

असल में, ये नए हेलिकॉप्टर नौसेना के पुराने Chetak हेलिकॉप्टरों की जगह लेंगे… जो दशकों से सेवा में हैं लेकिन अब तकनीकी रूप से पुराने हो चुके हैं.

मतलब साफ है – हिंद महासागर में अब भारत की नज़र और भी तेज़ होगी.

दोस्तों… 76 नए हेलिकॉप्टरों के साथ भारत की समुद्री शक्ति को मिलेगी एक नई उड़ान. यह सिर्फ़ एक डिफेंस डील नहीं…बल्कि हिंद महासागर में भारत की बढ़ती ताक़त का ऐलान है!