भारत और फ्रांस ने मिलकर बनाया Anti-Drone Gun Chimera-100, 5 किलोमीटर दूर से ही खतरों को पहचान कर खत्म कर देता है Chimera-100

आज के दौर में ड्रोन ने युद्ध की दशा और दिशा बदल के रख दी है. ड्रोन अब पहले के मुकाबले कही ज्यादा शक्तिशाली और खतरनाक हो गए है. पिछले कुछ सालों में ड्रोन ने अपनी सशक्त भूमिका दर्ज कराई है. शक्तिशाली से शक्तिशाली देश भी ड्रोन से निपटने के तरीकों की खोज में जुटे हुए है. ऐसे में भारत का एंटी-ड्रोन गन भारत को बाहर और अंदर दोनों से मजबूत करेगा. भारतीय कंपनी गोदरेज (Godrej) ने फ्रांसीसी कंपनी सरबेयर (CERBAIR) के साथ मिलकर एंटी-ड्रोन गन (Anti-Drone Gun) बनाया है.
इसका नाम है चिमेरा-100 (Chimera 100). इसे ड्रोन का काल कहा जाता है. भारतीय कंपनी गोदरेज ने इसका निर्माण किया है. हल्की होने की वजह से जवान इसे कहीं भी लेकर आ और जा सकते हैं.
जानते हैं इसकी खासियत
चिमेरा गन की मदद से 5 किलोमीटर दूर से आ रहे ड्रोन, यूएवी आदि को डिटेक्ट किया जा सकता है. चिमेरा-100 एंटी-ड्रोन गन अपनी तरफ आते हुए ड्रोन का रेडियो फ्रिक्वेंसी जाम कर देता हैं. जिससे उसे उड़ाने वाला का संपर्क टूट जाता है. इसके बाद ड्रोन खुद ब खुद नीचे गिर जाता है. यह वीवीआईपी सिक्योरिटी और सीमा पर ड्रोन हमलों से बचने में मदद करेगी. यह एक कंप्लीट काउंटर ड्रोन सॉल्यूशन है.
चिमेरा एंटी-ड्रोन गन लेकर चलने वाले जवान के शरीर पर एक बैकपैक में पूरा सिस्टम लगा होता है. जिसका एंटीना दूर से ही आते हुए ड्रोन को डिटेक्ट कर लेता है. उसे पहचान लेता है कि वो ड्रोन है या अनमैन्ड एरियल व्हीकल.
निगरानी वाला ड्रोन है या फिर हमला करने वाला. इसके बाद उसे ट्रैक करके उसे निष्क्रिय कर देता है. इससे किसी भी दिशा में घूमकर दुश्मन ड्रोन पर हमला किया जा सकता है.
सियाचिन जैसे इलाकों में भी किया जा सकता है इसका उपयोग
यह ड्रोन को गिराने से पहले जवान को अलर्ट कर देता है. अलर्ट जवान के हाथ में लगे रिमोट में बजने लगता है. इससे आते हुए ड्रोन की तस्वीर, मैप और लोकेशन भी पता चल जाता है. इसका उपयोग सियाचिन जैसे इलाकों में भी किया जा सकता है.
चिमेरा का विभिन्न फ्रांसीसी सैन्य और पुलिस इकाइयों द्वारा पूरी तरह से परीक्षण किया गया है. इसका उपयोग कुछ आयोजनों के दौरान भी किया गया था. अगस्त 2019 में बियारिट्ज़ में आयोजित G-7 की बैठक और सितंबर 2020 में कोर्सिका में आयोजित मेड-7 समिट में इसका उपयोग किया गया था.
सीमा पर होने वाले ड्रोन हमलों से बचाने में भारत की यह एंटी ड्रोन गन सेना के लिए वरदान साबित होगी. भारत में दुश्मनों के ड्रोन हमलों से बचने के लिए इस तरह के एंटी ड्रोन गन की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी. इसके जरिये सीमा पर होने वाले ड्रोन हमलों को रोका जा सकेगा.
बताया जा रहा है कि जल्द ही चिमेरा एंटी ड्रोन गन को भारतीय सेना में शामिल किया जाएगा. इसके बाद इसकी तैनाती चीन और पाकिस्तान के बॉर्डर पर की जाएगी. यह दुश्मन के हर ड्रोन पर नजर रखेगा. अपनी क्षमता से यह पाकिस्तान, चीन, अमेरिका के सभी अत्याधुनिक ड्रोन को मारकर गिरा सकता है.